नशों के मुद्दे पर 'आप' वफद ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह से की मुलाकात
भगवंत मान, सुखपाल खहरा और डा. बलबीर सिंह ने की अगवाई, हमने मुख्य मंत्री को जमीनी हकीकतों से अवगत करवा दिए सुझाव -भगवंत मान
5 Dariya News
चंडीगढ़ 03-Jul-2018
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और संसद मैंबर भगवंत मान, विरोधी पक्ष के नेता सुखपाल सिंह खहरा और डा. बलबीर सिंह के नेतृत्व में 'आप' वफद ने नशों के ज्वलंत मुद्दे पर मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह से मुलाकात कर ड्रग माफिया के साथ राजनीतिज्ञों और पुलिस की जनतक हो चुकी हिस्सेदारी तोडऩे की मांग रखी, जिससे नशों के कारण भयानक तबाही के किनारे पर आ खड़े पंजाब और पंजाब की जवानी को बचाया जा सके। मुख्यमंत्री की सरकारी रिहायश पर इस मुलाकात के लिए गए 9 सदस्यता वफद में माझा जोन के प्रधान कुलदीप सिंह धालीवाल, विरोधी पक्ष की उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके, विधायक नाजर सिंह मानशाहिया, रुपिन्दर कौर रूबी, जगदेव सिंह कमालू और मास्टर बलदेव सिंह जैतो शामिल थे। मुख्यमंत्री के साथ बैठक उपरांत मीडिया के रूबरू होते भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने नशों के भयानक त्रासदी में डूबे पंजाब की जमीनी हकीकत मुख्यमंत्री के सामने रखी। इस दौरान मांग की है कि ड्रग माफिया की तरफ से सरहदी जिलों समेत पूरे पंजाब में मचाई दहश्त की माननीय हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई की समयबद्ध जांच करवाई जाए तांकि राजनीतिज्ञों और पुलिस की हिस्सेदारी का पूरा सच सामने आ सके।
भगवंत मान अनुसार उन्होंने इस सीबीआई जांच में ड्रग माफिया के सरगना बिक्रम सिंह मजीठिया को शामिल कर सख्त कार्यवाही के लिए विशेष तौर पर जोर दिया। ड्रग माफिया के विरुद्ध गठित की एस.टी.एफ की ओर से माननीय हाईकोर्ट में पेश जांच रिपोर्ट को जनतक करने के साथ-साथ इस जांच रिपोर्ट में शामिल आरोपियों पर बिना ओर देरी किए मिसालिया कार्यवाही की जाए। भगवंत मान मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री को सुचेत किया कि पंजाब के लोगों का पुलिस से विश्वास उठ चुका है, जिस कारण लोग नशों के तस्करों को खुद ही सख्त सजाएं देने लग गए हैं, यदि समय रहते स्थिति न संभाली तो सूबे में अमन-कानून की बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। इस लिए नजर-अन्दाज किए अच्छे पुलिस अफसरों को फील्ड में तैनात कर लोगों का पुलिस प्रति विश्वास बहाल किया जाए। दागी और नशो के कारोबार में शामिल पुलिस अफसरों और मुलाजिमों को मिसालिया सजाएं दी जाएं। मान ने बताया उन्होंने ड्रग माफिया के साथ संबंधों में फंसे मोगा के एसएसपी राजजीत सिंह की जगह ओर भी ज़्यादा दागी किरदार वाला एसएसपी तैनात किए जाने का विशेष हवाला दिया। इस मौके सुखपाल सिंह खहरा ने बताया कि 'आप' वफद ने नशों के मुद्दे पर विधान सभा का विशेष सैशन बुलाने पर जोर दिया। सुखपाल सिंह खहरा अनुसार उन्होंने एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में शामिल सभी दागी पुलिस अफसरों को उनके मौजूदा पदों से तुरंत हटाने की मांग की तांकि आम लोगों का पुलिस-प्रशासन और सरकार में विश्वास बहाल हो सके।
इनमें डीजीपी सुरेश अरोड़ा और डीजीपी इंटैलिजैंस दिनकर गुप्ता भी शामिल हैं, क्योंकि जितनी देर यह उच्च अधिकारी अपने पदों पर रहेंगे उतनी देर निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। खहरा ने कहा कि पुलिस न केवल नशा तस्करी में शामिल है, बल्कि नौजवान लडक़े-लड़कियों को नशों के आदि बना रही है। पीडि़त लडक़ी की ओर से एक डीएसपी के बारे में किये गए सनसनीखेज खुलासा इस की मिसाल है। खहरा ने मुख्य मंत्री को कहा कि वह उस पीडि़त लडक़ी को खुद बुला कर आंखें खोलने वाली सच्चाई जानें। सुखपाल सिंह खहरा मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री को नशों के कारण अपने बेटे-बेटियां गवा चुके पीडि़त परिवारों को उचित मुआवजा देकर सरकार की बनती जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की। भगवंत मान, सुखपाल सिंह खहरा और डा. बलबीर सिंह ने कहा कि बैठक दौरान मुख्य मंत्री को सुझाव भी दिए कि किस तरह ड्रग माफिया की कमर तोड़ा जाए और पंजाब के नौजवानों और अगली पीडिय़ों को नशों से बचाया जा सके। 'आप' वफद के मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री की जमीनी हकीकत के बारे में अच्छी तरह से आंखें खोल दी हैं और उम्मीद है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह पंजाब और पंजाब की जवानी को बचाने के लिए उनकी मांगों और सुझाव पर गंभीरता के साथ ठोस कदम उठाएंगे।