5 Dariya News

अब्दुल रहमान वीरी ने बर्श 2018-19 की आईडब्ल्यूएमपी कार्य योजना पर चर्चा की

जम्मू कश्मीर में  जलापूर्ति प्रबंधन कार्यक्रम के लिए वर्तमान वित्त्य वर्श में 75 करोड रु का व्यय होगा

5 Dariya News

श्रीनगर 07-Jun-2018

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने आज एक बैठक आयोजित कर एकीकृत जलापूर्ति प्रबंधन कार्यक्रम (आईडब्ल्यूएमपी) के तहत वर्तमान वित्त्य वर्श के लिए कार्य योजना तथा कार्यों की प्राथमिकता पर चर्चा की। आरडीडी सचिव, आरडीडी वित्त्य निदेशक, आईडब्ल्यूएमपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आरडीडी संयुक्त निदेशक योजना, अतिरिक्त सचिव, आईडब्ल्यूएमपी के प्रोग्राम अधिकारी तथा विभाग और आईडल्यूएमपी के अन्य सम्बंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। आईडब्ल्यूएमपी के सीईओ ने बैठक को बताया कि निर्देशों के अनुसार वर्श 2018-19 के लिए कार्य योजना को लिये जाने वाले प्रमुख कार्यों की जिला अनुसार जानकारी के साथ जिलों से प्राप्त किया गया है। उन्होंने बैठक को वर्तमान वित्त्य वर्श के लिए जलापूर्ति प्रबंधन कार्यक्रम के तहत राज्य के लिए 75 करोड रु की कुल आवंटन में से धनराशि के आवंटन की जिला अनुसार जानकारी भी दी।

इसके अतिरिक्त बैठक में बताया गया कि वर्तमान वर्श में सम्बंधित जिला अधिकारियों द्वारा पेश की गई विस्तृत कार्य योजना के अनुसार कश्मीर संभाग में कार्यक्रम के तहत कुल 1027 कार्य प्रस्तावित किये गये है। वीरी ने बल देते हुए कहा कि बैच-3 के कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए जिसके लिए सम्बंधित अधिकारियों को एक कार्य योजना या नीति बनानी होगी। उन्होंने आईडब्ल्यूएमपी के सीईओ से नाबार्ड के साथ एक बैठक बुलाने तथा इन कार्यों को पूरा करने के लिए वित्त्य पोशण की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए कहा। मंत्री ने कहा कि नाबार्ड विभिन्न महत्वपूर्ण के तहत राज्य में कई गतिविधियां शुरू कर रहा है तथा कहा कि हमें प्रस्ताव तैयार करने होंगे ताकि नाबार्ड तथा आईडब्ल्यूएमपी अभिसरण में राज्य में कुछ संयुक्त गतिविधियां शुरू कर सकें।  मंत्री ने कहा कि हमें संयुक्त गतिविधियों को तलाशना चाहिए जिससे नाबार्ड के साथ अभिसरण में सिंचाई कूलों, जल संचयन, तालाबों आदि का निर्माण शुरू किया जा सके।

 पूरे किये गये कार्यों की मूल्यांकन, निगरानी तथा आकलन से सम्बंधित बैठक में बताया गया कि यह कार्य जमीनी स्तर पर कार्य के आकलन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है तथा इसके लिए भारत सरकार से धनराशि प्राप्त करने की आवश्यकता भी है। आईडब्ल्यूएमपी के सीईओ ने मंत्री को बताया कि कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए नेबकॉन के साथ शीघ्र ही एक सहमति पत्र हस्ताक्षर किया जायेगा। अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए वीरी ने कहा कि आईडब्ल्यूएमपी एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है तथा इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे किये गये कार्यो को वृतचित्रों के माध्यम से दर्षाने की आवश्यकता है ताकि लोगों को आईडब्ल्यूएमपी के लाभों तथा कार्यक्रम के तहत राज्य में पंजीकृत कार्य के बारे में जागरूक किया जा सके। बैठक के दौरान मंत्री ने सीईओ से आईडब्ल्यूएमपी के स्टाफ के वेतन मुद्दे पर विचार करने और इस सम्बंध में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए भी कहा।