तस्सदुक हुसैन मुफ्ती ने पुंछ जिला विकास बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की
बोर्ड ने 2018-19 के लिए 181.33 करोड़ वार्शिक योजना को मंजूरी दी
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पुंछ 06-Jun-2018
पर्यटन मंत्री तस्सदुक हुसैन मुफ्ती, जो जिला विकास बोर्ड पुंछ के अध्यक्ष भी हैं, ने आज जिले में निश्पादन एजेंसियों के सभी प्रमुखों व अधिकारियों को बढ़ती चुनौतियों का उचित मूल्यांकन करने भविश्य की उपयोगिता और परियोजनाओं के निर्माण और अंतिम रूप देने से पहले विकास परियोजनाओं की स्थायित्व को ध्यान में रखे जाने को सुनिश्चित करने को कहा क्योंकि यह इन परियोजनाओं को लंबे समय तक प्रासंगिक रखेगा। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के वास्तविक समय मानचित्रण और संबंधित विभागों द्वारा उनके प्रभावकारिता का अध्ययन करने के लिए प्रभाव विश्लेशण किया जाना चाहिए। मंत्री आज यहां डाक बंगला पुंछ में आयोजित जिला विकास बोर्ड पुंछ की वार्शिक बैठक में बोल रहे थे। बोर्ड ने 2018-19 के लिए जिला के लिए 181.33 करोड़ रुपये की वार्शिक योजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। जम्मू-कश्मीर राज्य पहाड़ी भाशी सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष कुलदीप राज गुप्ता, गुज्जर व बक्करवाल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष गुलजार खटाना, जे एंड के ओबीसी बोर्ड के उपाध्यक्ष रशपाल वर्मा, एससी सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष भूशण लाल डोगरा, किसान सलाहकार बोर्ड के दलजीत सिंह चिब, विधायक शाह मोहम्मद तांत्रे, जावेद अहमद राणा, मोहम्मद अकरम चौधरी, प्रदीप शर्मा, शहनाज गनई और यशपाल शर्मा डीडीसी मोहम्मद अजाज असद, विभिन्न विभागों और जिला अधिकारियों के प्रमुख उपस्थित थे।
बोर्ड अध्यक्ष ने छात्रों की सीखने की जरूरतों और मानसिक क्षमताओं के अनुसार उपयुक्त शिक्षाविद को अपनाने ा और विशेष रूप से प्राथमिक स्तर पर गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक पूरक सामग्री प्रदान करने के लिए प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा परिदृश्य में सुधार के लिए माता-पिता, शिक्षाविदों, शिक्षाविदों और गैर सरकारी संगठनों जैसे सभी हितधारकों को शामिल करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने रचनात्मक शिक्षण ध् अध्ययन तकनीकों को अपनाने और शिक्षा प्रणाली में सांस्कृतिक और नैतिक भाग को शामिल करने के लिए जोर दिया।विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिक्स की कमी की समस्या के बारे में, निदेशक स्वास्थ्य सेवा ने बैठक को सूचित किया कि एमओ की कमी को खत्म हो जाएगी क्योंकि 300 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एनएचएम के तहत 15 रिक्तियों को जल्द ही भर दिया जाएगा। यह निर्णय लिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करने वाले चिकित्सा अधिकारियों की सुविधा के लिए सरकार को एक व्यापक योजना तैयार कर जमा की जाएगी। बोर्ड ने फैसला किया कि एसडीएच मंडी का निर्माण जुलाई 2018 तक स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा और डीडीसी द्वारा खानेटर में आईएसएम औशधि भवन के पूरा होने में अनचाहे देरी के लिए विस्तृत रिपोर्ट जमा कर दी जाएगी।
अध्यक्ष ने सीएमओ को जिला अस्पताल, उप-जिला अस्पताल और पीएचसी के अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। चंडीमढ़ में ट्रामा अस्पताल के लिए भूमि पहचान प्रक्रिया में तेजी लाने और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के लिए दिशानिर्देश दिए गए थे।मौजूदा सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बोर्ड अध्यक्ष ने जंगल और सामाजिक वानिकी विभागों द्वारा वनीकरण और वनों के पुनर्निर्माण पर विशेष जोर से अलग पानी के संरक्षण के लिए आरडीडी, आईडब्ल्यूएमपी, कृषि और पीएचई विभागों द्वारा अभिसरण मोड में जल संचयन बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए जोर दिया। चर्चा के लिए कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं भी आईं। बोर्ड ने फैसला किया कि 7.25 करोड़ रुपये कालाई-सखी मैदान रोड परियोजना और काम की खराब गुणवत्ता के पूरा होने की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति गठित की जाएगी।डीडीबी ने जिला में बिजली की कमी को पूरा करने के लिए 400 केवी जलंधर-जम्मू-कश्मीर पावर लाइन से स्टेशन प्राप्त करने की सिफारिश की और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चकन दा बाग में व्यापारियों के लिए के पंजीकरण के 5 लाख रुपये शुल्क को माफ कर दिया।
अध्यक्ष ने अधिकारियों को बोर्ड बैठक में किए गए निर्णयों को अक्षरशः लागू करने और संबंधित विधायकों और जिला विकास आयुक्त को पाक्षिम आधार पर कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। उन्होंने परियोजना विभागों के समयबद्ध समापन के लिए प्रभावी निगरानी के अलावा संचार अंतर के दायरे के साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए प्रभावित किया। उपाध्यक्षों व विधायकों ने सड़क बुनियादी ढांचे के उन्नयन, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति और जनसंख्या के अनुसार इनके उन्नयन, एम्बुलेंस, विद्युतीकरण और विभिन्न क्षेत्रों के तहत चल रही योजनाओं को पूरा करने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण विकास संबंधी मुद्दों को उठाया। इससे पहले, डीडीसी पुंछ मोहम्मद अजाज असद ने कैपेक्स बजट 2017-18 के तहत सभी विभागों की भौतिक व वित्तीय उपलब्धि और गत बोर्ड बैठक में किए गए निर्णयों की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि जिले ने 98.23 प्रतिषत वित्तीय उपलब्धियों के साथ 130.09 करोड़ रुपये का व्यय किया है।