निर्यातकों की सुविधा के लिए एकीकृत लॉजिस्टिक विभाग बनाया जाएगा : वाणिज्य सचिव
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नई दिल्ली 01-Jun-2018
नई दिल्ली में 110 इंजीनियरिंग निर्यातकों को ईईपीसी भारत राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करते हुए सी आर चौधरी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि निर्यातकों ने 2016-17 के दौरान उल्लेखनीय कार्य किया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही थी। हालांकि 2017-18 के दौरान स्थितियां बेहतर हुई है और संभावनाएं उत्साहवर्धक हैं।अपने संबोधन में वाणिज्य सचिव सुश्री रीता तेवतिया ने कहा कि सरकार एक एकीकृत लॉजिस्टिक विभाग का गठन करने पर कार्य कर रही है, ताकि परिवहन की लागत को कम किया जा सके।उन्होंने इंजीनियरिंग निर्यातकों से कहा कि वे 16 बिलियन डॉलर के व्यापार घाटे को समाप्त करने के लिए अगले पांच वर्षों की रणनीतिक योजना पर कार्य करें। नए बाजारों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। सुश्री तेवतिया ने कहा कि व्यापार निर्यात के क्षेत्र में 76 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ इंजीनियरिंग क्षेत्र सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में एक रहा है।
यह देश के कुल निर्यात का एक चौथाई है। परन्तु निर्यातकों को 5-6 उपक्षेत्रों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात विश्व के कुल इंजीनियरिंग निर्यात का 1.2 प्रतिशत है। इसमें चीन की हिस्सेदारी 12.3 प्रतिशत है। इस अवसर पर ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन श्री रवि सहगल ने निर्यातकों के समक्ष आने वाली विभिन्न चुनौतियों का जिक्र किया, जैसे जीएसटी पुनः भुगतान, ओएफएसी प्रतिबंध, कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि तथा निर्यातकों को पुनः भुगतान करने वाली योजनाओं का डब्ल्यूटीओ की गैर-अनुपालन सूची में आने की संभावना। ईईपीसी इंडिया ने इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के समक्ष कई सुझाव रखे हैं।