महबूबा मुफ्ती ने महिला कर्मचारियों के साथ बातचीत की
महबूबा मुफ्ती ने महिलाओं से शांति प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने की अपील की
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श्रीनगर 23-May-2018
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में महिलाओं को शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। आज यहां महिला कर्मचारियों की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं परिस्थिति संबंधी अनिश्चितताओं के सबसे ज्यादा पीड़ित हैं और उन्हें राज्य में शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘माताओं, पत्नियों, बेटियों या बहनों के रूप में, राज्य में महिलाओं को पिछले तीन दशकों की निरंतर हिंसा के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है’। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में सुरक्षा अभियान को निलंबित करने के लिए केंद्र से अनुरोध किया था जिसे विधिवत स्वीकार किया गया था और लागू किया गया था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘ मुझे पता है कि तब से सभी मां शांति से रह रही हैं और हमें उम्मीद है कि पूरा महीना शांतिपूर्वक निकल जाएगा।’युवा को पूरे समाज के लिए एक संपत्ति के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी युवाओं ने एक मौका दिया, उन्होंने विश्व स्तर पर अपनी मेटल साबित कर दी। उन्होंने कहा, ‘उनकी प्रतिभा और बुद्धि को गलत तरीके से बर्बाद नहीं होने देना है’।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस संबंध में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करें और अपने बच्चों की ऊर्जा को उस रास्ते पर ले जाएं जो राज्य और समाज के लिए फायदेमंद साबित हो सके। उन्होंने कहा, ‘युवाओं के लिए स्वर्ग मां के चरणों में निहित है और समान रूप से बच्चों को सकारात्मक योगदान देने के लिए लाया जाता है, हर माता-पिता के लिए एक सपना है।’इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने सशक्तिकरण और महिलाओं के सुधार के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कई ऐतिहासिक पहलों की गणना की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार परिवार, समाज और राज्य में महिलाओं को स्थिति को सुदृढ़ करने के प्रयासों को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि वह निर्वाचित सदनों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए विधानसभा में और बाहर भी सर्वसम्मति विकसित करने पर काम करेगी। उन्होंने कहा, यह राज्य में महिलाओं की कई समस्याओं को हल करेगा। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुलिस भर्ती में महिलाओं का अनुपात बढ़ाया जाएगा ताकि महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए अधिक महिला तैनात की जा सके। उन्होंने कार्यालयों में महिला कर्मचारियों के लिए स्वच्छता की स्थिति में सुधार के लिए व्यापक अभ्यास करने के लिए विभागीय आयुक्त कश्मीर को निर्देश दिया।
महबूबा मुफ्ती ने कार्यालयों में लिंग संवेदीकरण समितियों के तत्काल संविधान को भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों को उनके निवास स्थान के करीब रखने के लिए जहां भी संभव देखभाल की जाएगी और जिला मुख्यालय में महिलाओं की विशेष बसों की शुरूआत की मांग की भी जांच की जाएगी। उन्होंने जल्द ही कहा कि संकट में महिलाओं को घंटों की हेल्पलाइन प्रदान करने के लिए सीएम शिकायत कक्ष में एक अलग महिला अनुभाग स्थापित किया जाएगा। इससे पहले कश्मीर प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों के कई वक्ताओं नेऐतिहासिक निर्णय जैसे कि संपत्ति खरीदने पर महिलाओं के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर छूट, यौन उत्पीड़न के मामलों में मौत की सजा, लाडली व आसरायोजनाएं, महिला पुलिस स्टेशनों की स्थापना, लड़कियों के छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा, ईडीआई में महिला विंग की स्थापना और महिला उद्यमियों के लिए 5 प्रतिशत निर्धारित करना, लड़कियों के छात्रों के लिए स्कूटी योजना, देवियों विशेष बस सेवा और अन्य उपायों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। आवास एव शहरी विकास राज्य मंत्री आसिया नकाश, विधायक प्रिया सेठी व अंजुम फाजिली, सचिव ग्रामीण विकास शीतल नंदा, सचिव लद्दाख मामले रीवा गुप्ता, मंडलायुक्त कश्मीर बसीर खान, घाटी के सभी जिलों की महिला अधिकारी व कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।