5 Dariya News

गुलाम नबी लोन हंजूरा ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिये

कस्टोडियन सम्पति की सुरक्षा के लिए सभी विभागीय अधिनियमों को अक्षरषः लागू किया जाये’

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श्रीनगर 17-May-2018

राजस्व मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा ने आज कस्टोडियन विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कस्टोडियन विभाग को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह निर्देश भी दिये कि कस्टोडियन जमीन पर से अतिक्रमणों को हटाने के लिए विषेश अभियान शुरू किया जाना चाहिए। राजस्व आयुक्त सचिव, कस्टोडियन जनरल, कस्टोडियन कश्मीर, जम्मू, राजस्व के निदेशक तथा विभाग के सभी डिप्टी कस्टोडियन बैठक में उपस्थित थे। मंत्री ने कस्टोडियन विभाग के अधिकारियों से कार्यक्षमता मंे सुधार लाने के लिए कहा जिससे इवैक्यु सम्पति सुरक्षित हो सके और राज्यभर में इसका उत्पादन के लिए उपयोग हो सके। मंत्री ने इवैक्यु विभाग द्वारा शुरू किये गये विभिन्न कार्यों की जानकारी मांगी तथा कहा कि नियमों का उल्लंघन या कोई भी लापरवाही सहन नही की जाएगी। मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर विवरण पेश करने के निर्देश दिये। उन्होंने कस्टोडियन सम्पति की सुरक्षा हेतु सभी विभागीय अधिनियमों को अक्षरषः लागू करने के लिए कहा। 

इवैक्यु विभाग की सुचारू कार्यप्रणाली हेतु मंत्री ने विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाने हेतु उत्साह एवं समर्पणभाव से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इवैक्यु सम्पति की सुरक्षा के सम्बंध में कोई भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी तथा ऐसा करने वाले कर्मचारियों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को राज्य में कस्टोडियन जमीन पर आधुनिक जनोपयोगिताओं के निर्माण की संभावनाओं को बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए प्रस्ताव पेश करने के अलावा प्रणाली को अधिक पारदर्षी तथा प्रभावी बनाने हेतु एक प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिये। इससे पूर्व मंत्री ने इवैक्यु विभाग द्वारा देखरेख तथा प्रबंधित  की जा रही विभिन्न सम्पतियों की स्थिति की जानकारी ली, जिनमें जम्मू संभाग में 14 लाख कनाल भूमि तथा कश्मीर संभाग में लगभग 58000 कनाल भूमि के अलावा दोनों संभागों में प्रबंधित की जा रही घर, दुकानें, फलैट, बागान तथा अन्य सम्पतियां शामिल हैं।