उधमपुर को जलापूर्ति बढ़ाने के लिए एडीबी वित्तपोषण के लिए 100 करोड़ रु का संकल्प पत्र प्रस्तुत किया : शाम लाल खैधरी
बनिहाल निर्वाचन क्षेत्र में 65.65 करोड़ मूल्य की 37 जलापूर्ति योजनाएं चल रही हैं
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जम्मू 07-Feb-2018
उधमपुर शहर में जलापूर्ति की स्थिति बढ़ाने के लिए, सरकार ने 100 करोड़ रुपयेका एक ‘संकल्पना पत्र’ तैयार किया है और ईरा के माध्यम से वित्त पोषण के लिए एशियाई विकास बैंक को सौंप गया है।भावी परियोजना को 2047 तक जलापूर्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है और पानी के स्रोत तवी नदी में बिनीसंग होंगे।विधायक पवन कुमार गुप्ता के एक प्रश्न के जवाब में, पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री शाम लाल खैधरी ने कहा कि वर्तमान में उधमपुर शहर में 128700 लोगों की आबादी है और पेयजल की आवश्यकता 37.98 एलजीपीडी है जिसके मुकाबले यह 35 एलजीपीडी है जिसमें 2.98 एलजीपीडी की कमी है।उधमपुर जिले में जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया वर्ष 2007-08 में 28.82 करोडयूआईडीएसएसएमटी स्कीम को पूरा किया गया था जिससे 16-एलजीपीडी पेयजल मुख्य शहर और आस-पास के क्षेत्रों के लिए मौजूदा आपूर्ति व्यवस्था में जोड़ा गया था। इसी प्रकार, डब्ल्यूएसएसएस जगानू और बिलन को एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत 2006-07 के दौरान क्रमशः 2.34 करोड़ रुपये और 1.98 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ लिया गया था और कहा कि दोनों योजनाएं आर्थिक रूप से पूरा हो गईं।
मंत्री ने कहा ‘एक अन्य डब्लूएसएसएस दरसू को एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत लिया गया है जिसकी अनुमानित लागत 2.76 करोड़ रू है और इसमे से दिसंबर 2017 तक 2.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मूल्य वृद्धि के चलते सभी तीन योजनाओं की कीमतें बढ़ गई हैं, विभाग इन स्रोतों से इन क्षेत्रों के लोगों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरा करेगा।’’प्रश्न के दूसरे हिस्से के जवाब में मंत्री ने बताया कि मानसर गांव को पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने जल क्रांति अभियान के अंतर्गत 2.45 करोड़ रुपये की एक अनुमानित लागत पर योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, मानसर गांव को घार क्रिमची योजना से पानी की आपूर्ति हो रही है जो योजना पर 5 गांवों की निर्भरता के कारण पहले ही ओवरलोड हो चुका है। उन्होंने आगे बताया कि तीन योजनाओं समोल, गारनौई और फलाटा को अनुमानित 9.82 करोड़ रू लागत के रूप में तैयार किया गया है जिसे बड़ी हुई कीमत के लिए नाबार्ड ऋण सहायता के तहत पेश किए जाएंगे।इस बीच नाबार्ड के तहत अनुमोदित ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य के 20 जिलों में 42.11 करोड़ की कुल सीमा पर 42 योजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि के दौरान इन योजनाओं को लागू करने के लिए 1.29 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।विधायक विकार रसूल के एक अलग प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि लोगों को पीने योग्य पेयजल प्रदान करने के लिए 21 जल आपूर्ति योजनाएं (डब्ल्यूएसएस) वर्तमान में बनिहाल निर्वाचन क्षेत्र में कार्यात्मक/ आंशिक रूप से कार्यात्मक हैं। आपूर्ति परिदृश्य में और वृद्धि के लिए, 65.65 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत पर विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत क्षेत्र में 37 नए डब्ल्यूटीसीएस लगाए गए हैं, जिसके लिए 37.72 लाख रुपये जारी किए गए हैं और 2017-18 के दौरान खर्च किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि इनके अतिरिक्त, 15 निस्पंदन संयंत्र भी निर्माण के लिए लिए गए हैं, जिनमें से 3 को कार्यात्मक बनाया गया है और अन्य विभिन्न चरणों में है।मंत्री ने बताया कि बनिहाल शहर को जलापूर्ति बढ़ाने के लिए विभाग एक रेलवे टनल से एक स्रोत को टैप करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस गुरुत्वाकर्षण के मुख्य जीआई पाइपों में 3700 मीटर के मुबाकले 3300 मीटर पईपें बिछाई जा चुकी हैं और टनल के निकट हेड साइट पर ष्400 मीटर अभी बाकी है।मियां अल्ताफ अहमद, आर.एस. पठानिया और जीएम सरूरी ने पूरक को उठाया और अपने संबंधित क्षेत्रों में पीएचई सेक्टर में सेवा की कमी को उजागर किया।
उन्होंने उन्नयन करने और आपूर्ति के परिदृश्य को आगे बढ़ाने और चालू योजनाओं को तेजी से पूरा करने की मांग की।