5 Dariya News

चौ. लाल सिंह ने जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में निरीक्षण हट का नींव पत्थर रखा, राजा तालाब का उद्घाटन किया

5 Dariya News

जम्मू 04-Feb-2018

वन एवं पर्यावरण मंत्री चौ. लाल सिंह ने आज जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में निरीक्षण हट का नींव पत्थर रखा।इस अवसर पर मंत्री को जानकारी दी गई कि इस हट का निर्माण वन्यजीव विभाग द्वारा 75 लाख रु. की अनुमानित राशि के साथ किया जाएगा। मंत्री ने सम्बंधितों को हट के निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे 2 माह के भीतर पूरा करने के लिए कहा।जसरोटा किले में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने हेतु उठाये गये कदमों पर रोशनी डालते हुए मंत्री ने बताया कि जसरोटा साम्राज्य  के शासन के दौरान बनाये गये जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य के इलाके में 2 तालाबों को पुनः जीवंत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए शीघ्र ही बैटरी कार की सुविधा भी शुरू की जाएगी।इसके उपरांत मंत्री ने जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में भू एवं जल संरक्षण विभाग द्वारा 34.69 लाख रु. की अनुमानित राशि से पुनः बहाल किये गये राजा तालाब का उदघाटन भी किया।मंत्री ने भू एवं जल संरक्षण विभाग को टाईलों के साथ जसरोटा तालाब का किनारा बनाने के निर्देश दिये।इससे पूर्व मंत्री ने कठुआ जिले में एक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जिसमे पलाख, पलासी, धार महानपुर, धार, जनखार, धार डुगनू, सनाघाट, बसोहली, हीरानगर, कठुआ, घाटी, जखोल, हालती, लखनपुर, धन्ना, धनोर, बसंतपुर, डूमर, मानु, महानपुर, बनोर, खरोत और धरवाल क्षेत्रों के लोगों ने अपनी मांगें रखीं तथा इनका शीघ्र समाधान करने की मांग की। मंत्री ने इन क्षेत्रों में किये जा रहे विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी भी ली।मंत्री ने लोगों को उनके सभी जायज मुद्दों को सम्बंधित अधिकारियों के समक्ष रखने का आश्वासन दिया ताकि इनका यथाशीघ्र निवारण किया जा सके। 

जनसभा को सम्बोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार हर एक को विकास का समान अवसर उपलब्ध करवाने के एजैंडे पर कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि  वे उनके सामाजिक आर्थिक कल्याण हेतु शुरू किये गये विभिन्न कल्याणकारी एवं विकास कार्यक्रमों को प्रभावशाली ढंग से लागू करने में अपना सहयोग दें।मंत्री ने कहा कि कृशि, बागवानी, रेशम उत्पादन, मछली पालन, डेयरी अधिक क्षमता वाले क्षेत्र हैं और किसान मिश्र कृशि को अपनाकर अधिक आमदनी कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे आकर विभिन्न सरकारी विभागों और एजैंसियों द्वारा शुरू किये गये कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाना चाहिए।मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लिये जाने वाले लोगों की पहचान करने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को एपीएल/बीपीएल सूची बनाते समय अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिये।मुख्य वन्यजीव संरक्षक मनोज पंत, राज्य प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन बी. सिद्धार्थ, परितंत्र, पर्यावरण और दूरवर्ती निदेशक ओ.पी. शर्मा, निदेशक सामाजिक वानिकी अश्वनी गुप्ता, एसएफआरआई निदेशक बी.एम. शर्मा, मुख्य वन संरक्षक फारूक गिलानी, भू एवं जल संरक्षण निदेशक जावेद इकबाल पुंजू, संयुक्त निदेशक पवन कुदयार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप सिंह मन्हास, वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रीय निदेशक डॉ. वी.एस. सिंथिल कुमार, संरक्षक ईस्ट सर्कल ख्वाजा कमर-उद-दीन, सहायक विकासायुक्त राजीव खजूरिया के अतिरिक्त आरएंडबी, आरडीडी, पीडीडी, स्वास्थ्य, वन एवं शिक्षा विभाग के अन्य वरिश्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।