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राज्यपाल ने बाल कल्याण गतिविधियों में तेजी लाने पर बल दिया

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शिमला 24-Dec-2013

राज्यपाल उर्मिला सिंह ने कहा कि राज्य बाल कल्याण परिषद अपने कार्यों में तेजी लाएं ताकि जरूरतमंद बच्चों का समुचित कल्याण सुनिश्चित हो सकेे। राज्यपाल आज यहां हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं।श्रीमती उर्मिला सिंह ने कहा कि परिषद् द्वारा राज्य में बच्चों के कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं, जिनको और गति प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि बच्चों को विकास के समुचित अवसर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चे राष्ट्र का भविष्य है और उनके विकास के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किए जाने की आवश्यकता है, जिसमें आम लोगों को भी अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए।उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी आम आदमी तक पहंुचनी चाहिए ताकि जरूरतमंद इनका पूरा लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी एवं सरकारी संस्थाओं द्वारा चलाये जा रहे आश्रमों एवं संस्थानों में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएं तथा इनका निरंतर निरीक्षण भी सुनिश्चित बनायें। 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों विशेषकर उपेक्षित एवं कमजोर वर्गों के कल्याण के प्रति कृतसंकल्प है और इस दिशा में अनेक कार्यक्रम एवं योजनाएं आरम्भ की गई हैं।  उन्होंने कहा कि अक्षम बच्चों के लिए ढली में विद्यालय चलाया जा रहा है, जिसमें बच्चों के रहने की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा प्रदेश में लगभग 140 शिशु केन्द्र चलाये जा रहे हैं, जिनमें लगभग दो हजार बच्चों की देखभाल के साथ पौष्टिक आहार भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 36 बालवाड़ी केन्द्रों द्वारा 3 से 6 वर्ष के 180 बच्चों को पूर्व विद्यालय शिक्षा दी जा रही है तथा चार आंगनवाड़ी प्रशिक्षण केन्द्रों द्वारा 2745 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशििक्षत किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि इन सभी बाल आश्रमों का संचालन बेहतर ढंग से किया जाना चाहिए ताकि यहां रह रहे बच्चों को सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सके।श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि बाल-बालिका आश्रम में 171 बच्चे तथा श्रवण, वाणी, दृष्टिबाधित विद्यालय एवं सदन में 118 बच्चे तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र ढली में 18 बच्चे तथा अस्थिदोष विद्यालय दाड़ी में 18 बच्चे शिक्षण सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में परिषद द्वारा प्रदेश में 154 विशेष बच्चों, 171 अनाथ बच्चों तथा 7 वृद्धों को निःशुल्क भोजन, आवास व अन्य दैनिक आवश्यकता की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनी राम शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद सोसायटी एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत गैर सरकारी संस्था है। उन्होंने कहा कि परिषद का मुख्य उद्देश्य सरकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों को प्रदेश में कमजोर वर्गो जैसे बेसहारा महिलाओं, बुजुर्गों, अनाथ व विकलांग बच्चों के लिए लागू करना है। उन्होंने कहा कि परिषद इन कार्यों के लिए राज्य व केन्द्र सरकार से अनुदान प्राप्त करती है। उन्होंने परिषद को अपने कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए।अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता डा. पी.सी. कपूर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।राज्य बाल परिषद की महासचिव श्रीमती रीतु सेठी ने परिषद द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।इस अवसर पर राज्यपाल की सचिव श्रीमती अनिता तेगटा, सचिव शिक्षा श्री के. संजय मूर्थी, शिमला के उपायुक्त श्री दिनेश मल्होत्रा, मण्डी के उपायुक्त श्री देवेश कुमार, निदेशक महिला एवं बाल कल्याण श्रीमती मधुबाला, मिशन निदेशक एनआरएचएम श्री अमिताभ अवस्थी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।