शीतकालीन सत्र का पहला ही दिन चढ़ा विपक्ष के हंगामें की भेंट
5 दरिया न्यूज (अरविन्द शर्मा)
धर्मशाला 16-Dec-2013
धर्मशाला के तपोवन में बनी विधान सभा इमारत में सोमवार को शुरू हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन शोर-गुल ,नारेबाजी और हो हल्ले की भेट चढ़ गया। प्रशन काल शरू होते ही विपक्ष द्वारा प्रस्तुत नियम-67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा किए जाने की मांग को न माने जाने पर विपक्षी सदस्यों ने सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और प्रष्नकाल नही चलने दिया। विपक्ष के इस हगांमे से सदन की कार्यवाही आज सिर्फ एक घंटे 20 मिनट तक ही चल पाई। इससे पूर्व हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार यह कार्यवाही सांय सात बजे तक चलने वाली थी। सत्र के पहले दिन सदन दिन में 2 बजे शुरू हुआ। विधानसभा के दोपहर बाद सत्र के शुरू होते ही जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने प्रष्नकाल षुरू किया तभी समूचा विपक्ष उठ खड़ा हुआ और विपक्ष द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करने लगा। इस पर विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि उनका प्रस्ताव विचाराधीन है लेकिन नियमों अनुसार ही विधानसभा की कार्यवाही चलेगी, लेकिन इस पर विपक्षी सदस्य राजी नही हुए और नारे लगाते हुए सदन के बीचों बीच (वेल) आ गए और नारे लगाते रहे। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने अपना प्रदर्षन जारी रखा। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के इस स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
इस बीच अध्यक्ष ने सतापक्ष से प्रष्नकाल षुरू करने के लिए कहा जिसमें केवल सतापक्ष के आठ लोग ही अपने प्रष्न पूछ सके लेकिन इनके उतर भी शोरशराबे में सही ढंग से नही सुने जा सके। इसके पष्चात मुख्यमंत्री ने साप्ताहिक षासकीय कार्यसूची पढ़ी और कुछ कागजात सभा पटल पर रखे। मु यमंत्री ने दो अध्यादेषों की प्रतियां भी सदन के पटल पर रखी। अंत में नियम 130 के तहत हिलोपा के महेष्वर सिंह द्वारा प्रदेष में राष्ट्रीय उच्च मार्गों को फोर लेन में करने की नीति का प्रस्ताव रखते हुए सदन से इस पर चर्चा करने की अपील की। सदन में विपक्ष के लगातार षोरगुल के चलते हालांकि मुख्यमंत्री ने इसका उत्तर तो दिया लेकिन इसे भी इस हंगामें के बीच सुना नही जा सका। इसके पष्चात अध्यक्ष ने केवल एक घंटे 20 मिनट के अंदर ही सारी कार्यवाही समाप्त कर मंगलवार तक विधान सभा की कार्यवाही स्थगित कर दी।