मातृभाषा सत्याग्रहियों को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में मिला मासिक पैंशन का तोहफा
डा. मोहन भागवत, राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, आचार्य डा. देवव्रत व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मातृभाषा सत्याग्रहियों को मासिक पैंशन का चैक व पवित्र ग्रंथ गीता भेंटकर किया सम्मानित
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कुरुक्षेत्र 25-Nov-2017
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन पर्व पर राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा के मातृभाषा सत्याग्रहियों को मासिक पैंशन का तोहफा दिया गया हैं। राज्य सरकार की तरफ प्रथम चरण में पहचान किए गए 194 सत्याग्रहियों को नवम्बर माह से पैंशन मिलनी शुरु हो गई हैं।आज अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव, कुरूक्षेत्र के मेला ग्रांउड क्षेत्र में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, जिला प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उदघाटन सत्र में आरएसएस के सर संघ चालक डा. मोहन भागवत, राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, हिमाचल के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कुरुक्षेत्र के डा. जगदीश चंद्र भाटिया, सुशीला ममगाईं, कैथल से चतुर्भुज शर्मा, करनाल से रणजीत सिंह, जींद से रामकिशन शास्त्री, रोहतक से प्रेम सिंह सैनी, सोनीपत से त्रिलोक चंद खरबंदा, यमुनानगर से तारा देवी को 10-10 हजार रुपए की मासिक पैंशन का चैक, पवित्र गंरथ गीता भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के शुभ अवसर पर हिन्दी आंदोलन 1957 हिस्सा लेने वाले मातृ भाषा सत्याग्रहियों के लिए 10 हजार रुपए प्रतिमास पैंशन की शुरूआत की जा रही है। 1957 में हरियाणा में एक ऐेसा अनूठा आंदोलन शुरू हुआ था, जो न किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए था और न ही किसी राजनैतिक लाभ के लिए, यह आंदोलन था अपनी मातृ भाषा के मान, सम्मान और उसे लागू करवाने के लिए। इस आंदोलन में तत्कालीन पंजाब और वर्तमान के हरियाणा के लगभग हर क्षेत्र से युवा सामने आएं और उन्होंने प्रण लिया कि मातृ भाषा को लागू करवाकर ही वह दम लेंगे।
इस आंदोलन की शुरूआत 30 अप्रैल 1957 को हुई थी और यह ऐतिहासिक आंदोलन 27 दिसंबर 1957 तक चला। इस आंदोलन में जिला रोहतक नया बांस गांव के निवासी सुमेर ङ्क्षसह ने अपनी शहादत भी दी थी।उन्होंने कहा कि हिन्दी आंदोलन में हिस्सा लेने वाले मातृ भाषा सत्याग्रहियों को पैंशन देने का फैसला 31 अक्तृूबर 2017 को हिसार में आयोजित स्वर्ण जंयती समारोह के समापन अवसर लिया गया था और महोत्सव के पावन पर्व पर इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा हैं। इस पावन पर्व से सम्मान के रूप में पैंशन की शुरूआत 8 सत्याग्रहियों से की जा रही है। पहले चरण में पहचाने गए सभी 194 सत्याग्रहियों को नवंबर महीने से ही यह पैंशन दे दी जाएगी। इस पैंशन के तहत सत्याग्रहियों को 10 हजार रुपए प्रति महीना पैंशन दी जाएगी और अगर सत्याग्रही की मृत्यु हो गई है तो यह पैंशन उनकी पत्नी/पति तक को दी जाएगी। इस अवसर पर हरियाणा के पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा, परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डा. पवन सैनी, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक समीर पाल सरो, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, सीएम के ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा, संयुक्त निदेशक डा. कुलदीप सैनी सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।