डोडा में मनरेगा की सफलता के लिए सतत संपदा निर्माण, कौशल वृद्धि कुंजी
गत वित्तीय वर्ष में 169 पुलियों, 34 पुलों, 142 तालाब, 25 खेल मैदान बनाए गए
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श्रीनगर 25-Jul-2017
ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अब्दुल हक के आरडीडी को मनरेगा के तहत टिकाऊ संपत्ति सृजन के लिए निर्देशित करने के बाद से पिछले वित्त वर्ष के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के कई प्रमुख परियोजनाएं और संरचनाओं से डोडा जिला विकास सूचकांक ऊपर की ओर बढ़ रहा है।विभिन्न मुख्य विकास कार्यों को अंजाम देने में विभाग के प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए, अब्दुल हक ने आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसके दौरान यह कहा गया कि वर्ष 2016-17 में 169 कल्वर्ट और 34 पुलों का निर्माण किया गया है, जिससे दूरसंचार के दूरदराज गांवों में सतह के संपर्क में सुधार होगा। जिला। मछली पालन विभाग के सहयोग से विभाग ने मनरेगा के तहत जिले के बेरोज़गार युवाओं के लिए गत वित्त वर्श के दौरान 142 मछली तालाबों का निर्माण भी किया है।विभाग ने जिले के विभिन्न गांवों के युवाओं के लिए 25 खेल के मैदानों का निर्माण भी किया है। अधिकारियों ने कहा कि मंत्री के निर्देशानुसार विभाग ने स्थानीय युवाओं के लाभ हेतु खेल के मैदानों के निर्माण में व्यय किया है।विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के पर्याप्त निकास हेतु 158 गलियों एवं नालियों का निर्माण भी किया है। इसके अलावा विभाग ने जिले में अतिरिक्त 57 जलस्रोतों का नवीनीकरण भी किया है।विभाग ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 1838 शौचालयों तथा 11 जैविक खाद का निर्माण भी किया है। मंत्री ने गांवों के कायम विकास हेतु अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि गांव राश्ट्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा हमें टिकाऊ भौतिक एवं सामाजिक ढांचों का निर्माण कर इन ग्रामीण क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने हेतु प्रयास करने चाहिए।
डोडा जिले में विभिन्न विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्कूलों से जुड़ी पुलियों/सड़कों का कार्य पूरा करने पर बल दिया ताकि स्कूल जाने वाले छात्रों को कोई असुविधा न हो। मंत्री ने इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बड़ी परियोजनाओं, विषेशकर पुलियों तथा पुलों के कार्यान्वयन के लिए उचित डिजाईन तैयार किया जाना चाहिए।विभाग ने गत वर्श के दौरान मनरेगा के तहत 26 लाख कार्य दिवस के सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया था। जबकि विभाग ने चालू वर्श के दौरान 38.81 लाख कार्य दिवस का सृजन कर 149 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की है।आरडीडी के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री को बताया गया कि विभाग के पास 116.52 करोड़ रु. का बजट था जिसमें से वित्त वर्श केे अंत तक 115.98 करोड़ रु का व्यय हुआ है। विभाग ने मौजूदा बजट के तहत 7568 कार्यों को लिया जिसमें से 7336 कार्यों को पूरा किया गया है।इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मंत्री ने योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से लागू करने हेतु अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग दलितों के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि लोगों का पैसा उन तक पहुंचाना तथा मनरेगा के तहत लोगों के कल्याण हेतु ढांचों के निर्माण के अलावा घाटी के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना अधिकारियों तथा सरकार की जिम्मेदारी है।पार्शद फिरदौस टाक ने भी इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए ग्राम सभाओं का आयोजन कर लोगों को शासन का हिस्सा बनाने के लिए अधिकारियों पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को गांवों में नई ग्राम सभाएं आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम सभाओं में लोगों की अधिक भागेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये ताकि वे अपने अधिकार गांवों में कार्य योजना बना सकें।