5 Dariya News

उपमुख्यमंत्री ने अलग, कीमती कश्मीरी लोकाचार को बढ़ावा देने के लिए कहा

‘कश्मीर आध्यात्मिकता, शांति, ज्ञान की भूमि के रूप में जाना जाता है’

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श्रीनगर 25-May-2017

उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने आज कहा कि शांति बनाए रखने के लिए सभी समावेशी और राज्य में किए जा रहे विकास की पहल में तेजी लाने के लिए कश्मीरीयत की जरूरत है।उपमुख्यमंत्री आज यहां एसकेआईसीसी में पैराडाईज प्रोडक्षन्स द्वारा आयोजित एक समारोह मिल्चर में बोल रहे थे।इस अवसर पर पर्यटन और शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती प्रिया सेठी भी मौजूद थीं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर को प्राचीन काल से ही आध्यात्मिकता, शांति और ज्ञान की भूमि के रूप में जाना जाता है और अब जिम्मेदारी विद्यमान पीढ़ी पर है कि इसका प्रसार और अनुपालन सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे आकर वर्तमान में शांति के महत्व का प्रचार करने में भागीदारी की भूमिका निभानी चाहिए।इतिहास का हवाला देते हुए डॉ सिंह ने कहा कि कई प्रमुख बुद्धिजीवियों, दार्शनिकों और नेताओं ने हमेशा कहा है कि कश्मीर आध्यात्मिकता और सूफी धर्म का एक स्थान है जो एक उचित परिप्रेक्ष्य में उप महाद्वीप में एक व्यापक भूमिका निभा सकते हैं और विश्व के इस हिस्से में शांति और समृद्धि का युग शुरू कर सकता हैं।

डॉ सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं ने जीवन के विभिन्न क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी छाप छोड़ी है और उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है ताकि उन्हें अपेक्षित प्रोत्साहन प्राप्त हो, जो बदले में उन्हें उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न युवा केंद्रित योजनाओं को शुरू करने और कार्यान्वित कर युवा मानव संसाधन को संलग्न करने की कोशिश कर रही है।इस तरह के कार्यों के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना करते हुए, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन की आवृत्ति बढ़ाई जानी चाहिए ताकि कला और संस्कृति से संबंधित कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी बढ़े। उन्होंने कहा कि घाटी के युवा संगीत और रचनात्मकता के क्षेत्र में बेहद प्रतिभाशाली हैं और इस समय की जरूरत है कि इसे उचित दिशा सुनिश्चित हो।पर्यटन और शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने कार्यक्रम पर बोलते हुए कहा कि  युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित आधार पर आयोजित किया जाना चाहिए। इसके अलावा रचनात्मक क्षेत्र के दिग्गजों के साथ प्रदर्शन करने का एक अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के पास एक जबरदस्त अंतर्निहित रचनात्मक प्रतिभा है जिसे उचित तरीके से सम्मानित करने की जरूरत है।बाद में उपमुख्यमंत्री ने घाटी से विभिन्न सफल युवाओं में पुरस्कार वितरित किए।