बाली भगत ने कश्मीर संभाग के स्वास्थ्य परिदृश्य की समीक्षा की
घाटी के अस्पतालों में मौजूदा चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया
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जम्मू 11-May-2017
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बाली भगत ने आज कश्मीर संभाग के स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा हेतु अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री आसिया नकाश भी बैठक में उपस्थित थी।स्वास्थ्य एवं चिकित्सा आयुक्त सचिव पवन कोतवाल ने मंत्री को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न गतिविधियों एवं योजनाओं के बारे में जानकारी दी।बैठक में बताया गया कि वर्श 2016-17 के दौरान प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत 60 चालू कार्यो के लिए 135.39 करोड़ रु की राशि जारी की गई थी तथा पीएमडीपी के तहत 119.7581 करोड़ रु प्राप्त किए गए जिन्हें बाद में आरएंडबी कश्मीर के मुख्य अभियंता तथा सीएमओ को जारी किये गया। अधिकारियों को आगे की राशि जारी करवाने के लिए शीघ्र प्रयोग प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिये गये।नाबार्ड की परियोजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री को बताया गया कि कश्मीर संभाग में 68 स्वास्थ्य परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। आज तक कश्मीर संभाग में 4.77 करोड़ रूपए के उपयोग प्रामणपत्र का इंतजार है। नाबार्ड के तहत कश्मीर संभाग में 53 परियोजनाएं प्रगति पर है और 2.67 करोड़ रूपए के उपयोग प्रामणपत्र का इंतजार है, जिन्हें शीघ्र ही प्रशासिनक विभाग को सौंपा जाएगा।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि जनजातीय मामलों के विभाग में जनजातीय सह योजना के तहत वर्श 2016-17 के दौरान कश्मीर संभाग में 9 स्वास्थ्य परियोजनाओं को मंजूरी दी हैं तथा इस सम्बंध में वर्श 2016-17 के दौरान भवनों के निर्माण के लिए 4.15 करोड रु की राशि जारी की गई है।स्वास्थ्य सेवा निदेशक कश्मीर सलीम-उर-रहमान, जम्मू कश्मीर चिकित्सा आपूर्ति निगम लिः के निदेशक डॉ इंद्रजीत, परिवार कल्याण निदेशक समीर मट्टू तथा एनएचएम मिशन निदेशक मोहन सिंह ने भी बैठक को स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किये गये विभिन्न कार्यो के अलावा भौतिक एवं विŸाीय उपलब्धियों से अवगत करवाया।कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलों के मेडिकल सुप्रींटेंड, सीएमओ, बीएमओ तथा एचओडी ने भी मंत्रियों के समक्श मेडिकल तथा पैरा मेडिकल स्टाफ, मशीनों, उपकरणों की कमी तथा अन्य सम्बंधित मुद्दों को उठाया। मंत्री ने बल देते हुए कहा कि अस्पतालों में साफ सफाई बनाये रखनी चाहिए तथा शीघ्र ही अस्पताल के स्नानघरों, गेट आदि जैसे क्शतिग्रस्त हिस्सों की मुरम्मत की जानी चाहिए। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को कहा कि एक डीपीआर तैयार कर उसे 15 दिन के भीतर सम्बंधित को पेश की जानी चाहिए।मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में खराब मशीनों तथा उपकरणों की मुरम्मत के लिए एक डीपीआर बनाने को भी कहा ताकि इस सम्बंध में पर्याप्त कदम उठाये जा सके।मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाईया उपलब्ध करवाने को कहा ताकि राज्य, विशेशकर दूर दराज के क्शेत्रों मे रहने वाले लोगों को सरकारी अस्पतालों से दवाईयां प्राप्त हो सके।स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्शा विभाग के अन्य वरिश्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।