117 कंपनियों के 65000 करोड़ रूपये के निवेश ने पंजाब में औद्योगिक क्रांति की शुरूवात
निवेश के पक्ष से पंजाब आलमी स्तर पर प्राथमिकता वाला राज्य बनकर उभरेगा-बादल
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एस.ए.एस.नगर 10-Dec-2013
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन’ दौरान देश विदेश की 117 कंपनियों द्वारा 65000 करोड़ रूपये का निवेश करने के लिए व्यक्त की गई वचनबद्धता पर अति प्रंसन्नता व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने अपनी दृढता से कहा कि वचनबद्धता के समझौतों(मैमोरैडम आफ कमिटमैंट)के समय पर सम्पूर्ण करने को विश्वसनीय बनाने के लिए कोई कसर शेष नही छोड़ी जाएगी ताकि निवेश पक्ष से पंजाब ना केवल देश का बल्कि विश्व का सबसे अधिक प्राथमिकता वाला राज्य बन कर उभरे।दो दिवसीय सम्मेलन के समापन दिवस के अवसर पर अपने धन्यवादी भाषण में मुख्यमंत्री ने राज्य को औद्योगिक केन्द्र के तौर पर उभारने के लिए उपमुख्यमंत्री की दूरदर्शी और उत्साह की भरपूर प्रंशसा की । स. बादल ने कहा कि उनको ऐसे होनहार पुत्र का पिता होने पर बहुत अधिक गर्व है जिसने राज्य को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणीय राज्य बनाने के लिए सपना सजोया और इस सम्मेलन की सफलता इस सपने के साकार होने में सहायक होगी। उन्होने कहा कि पंजाब जिसको देश की खड़ग भुजा एवं अन्न दाता होने का गौरव है,को केन्द्र ने बुरी तरह अपेक्षा कर रहा है जिसके द्वारा पंजाब से सौतेला व्यवहार किया जाता है।
राज्य में उद्योग पतियों का जोरदार स्वागत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सदा ही नव विचारों एवं नवीनता का खुले हृदय से स्वागत करती है ताकि पंजाब में औद्योगिक विकास को और तेज किया जाए। उन्होने कहा कि इस सम्मेलन के समाप्त होने से राज्य में औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया का आगाज हो गया है। स. बादल ने कहा कि सभी उद्योग पति चाहे वह बड़े,छोटे या मध्यम है,को राज्य के सर्वपक्षीय विकास के लिए संक्रिय भूमिका अदा की जाए। उन्होने कहा कि प्रोजैक्ट के किसी भी स्तर पर यदि कोई कठिनाई पेश आती है उद्योगपतियों द्वारा उनके साथ किसी भी समय दूरभाष या निजी तोैर पर मिलकर सम्पर्क किये जाने का निमंत्रण देते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के पश्चात अब यह राज्य सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह निवेशकारों से किये वायदों को पूरा करके उनकी वचनबद्धता का सम्मान करें क्योकि उन्होने अपने जीवन में सबसे अधिक प्राथमिकता भरोसे योगयता को दी है स. बादल ने कहा कि औद्योगिक कप्तानों से लम्बी चौडी विचारचर्चा करके उनके ज्ञान में बहुत बढ़ोतरी हुई है जिन्होने उनको आगे ग्रामीण क्षेत्र में हुनर विकास प्रशिक्षण प्रोगा्रम , स्वस्थ एवं शिक्षा के सुधार के लिए नये विचार रखे। मुख्यमंत्री ने इच्छा व्यक्त की कि उद्योगपतियों से समय समय पर लगातार सम्पर्क बनाए रखा जाए ताकि औद्योगिक जरूरतों अनुसार नीतियां कायम करने के लिए सरकार को जानकारी मिलती रहे। उन्होने उपमुख्यमंत्री को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह विश्वसनीय बनाया जाए कि यह निवेश केवल कागजी ना रह जाए बल्कि यह सही अर्थो में अमल में आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पंजाबियों के उद्यमियों वाले जजबे की प्रशंसा की जिसने पंजाबियों को आलमी स्तर पर गतिशील एवं प्रोग्रेसिव भाईचारे का मुकाम दिलाया। उन्होने कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने वाले औद्योगिक कप्तानों में मंच सांझा करने वालों में बड़ी संख्या में उद्यमी पंजाबी थे। स. बादल ने कहा कि देश के विकास एवं खुशहाली में पंजाब निर्णनायक भूमिका निभा सकता है जिस से भारत का नाम विश्व के अग्रणीय देशो में शुमार होगा। उन्होने दुख व्यक्त करते हुये कहा कि भारत को किसी समय सोने की चिडिंया कहा जाता था जो अब घोर गरीबी,बेरोजगारी,भूखमरी,मंहगाई और अनपढ़ता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इस संदर्भ में उन्होने पंजाबियों को विश्व स्तर पर देश की खोई हुई शान की बहाली के लिए कारगर भूमिका अदा करने का आहवान किया क्योकि उनको पूर्ण भरोसा है कि एक दिन प्रगतिशील पंजाब देश के अग्रणीय राज्य के तौर पर उभरेगा। स. बादल ने मजाकिया अंदाज में उपमुख्यमंत्री को कहा कि 117 कंपनियों द्वारा 65000 करोड़ रूपये का निवेश करने के किये समझौतों के सम्पूर्ण करने के लिए समीप से निगरानी रखी जाए। उन्होने इस अवसर पर भाग मिलखा भाग का नारा दिया जिसका भाव बड़े निवेश को खींचने के लिए बेअंत अवसर पैदा करना है।
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन में निवेशकों द्वारा दिये गये भारी समर्थन के लिए धन्यवाद करते हुये पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आजतक देश में कोई भी राज्य केवल तीन महीने के अल्प समय में ऐसा सम्मेलन नही कर सका और ऐसा कर दिखाना हमारे लिए गौरव वाली बात है। उन्होने कहा कि प्राप्त हुये आरभिंक आकड़ों के अनुसार 117 कंपनियों ने 65000 करोड़ रूपये का निवेश करने के लिए वायदा पत्र पर हस्ताक्षर किये है। उन्होने कहा कि यह सम्मेलन प्रत्येक वर्ष करवाया जाए जो गत सम्मेलन में किये गये ऐलानो ंसंबधी राज्य सरकार पर भी वास्तविकता का पता लगाने के लिए दबाब रहेगा और इसके अतिरिक्त विकास को भी और गति दी जा सकेगी। उन्होने आशा व्यक्त की कि आगामी वर्ष होने वाले सम्मेलन में इस वर्ष से दुगने निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा।
मार्गदर्शन करने और राज्य सरकार को सही राह पर चलाने के लिए मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल के आगे अपना सर झुकाते हुये स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह इस लिए खुशकिस्मत है कि उनके राजनीति,प्रशासन ओैर प्रंबध संबधी अहम नुकते स. प्रकाश सिंह बादल जैसे प्रमुख राजीनितिज्ञ और महान मानव से सीखे है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जितनी देर आप स. बादल की संगत में रहते उतनी देर हर पल कुछ ना कुछ ऐसा सीखते ही जाते हो जो कोई भी विश्व विद्यालय भी नही सीखा सकता। स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उन्होने स. बादल की कमंाड अधीन पंजाब को नम्बर एक राज्य बनाने का अपना मिशन रखा हेै उन्होने कहा कि इतने थोड़े समय में निवेशकारों से मिले बड़े समर्थन के स्वरूप उनको भरोसा है कि वह स. बादल का सपना आगामी वर्षो में साकार कर देगें। पंजाब के विकास में निवेशकों द्वारा दिखाए गये भरोसे के लिए उनका धन्यवाद करते हुये उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आप के द्वारा हस्ताक्षर किये गये वायदा पत्र के साथ राज्य सरकार की भी जिम्मेवारी भी बढ गई है कि आप अपने सामूहिक सपनों को समयबद्ध समय में सम्पूर्ण करें। उन्होने कहा कि वह खुश है कि औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य सरकार की टीम ने पहले राज्य भर का कोना कोना देख लिया है और औद्योगिक ईकाईया आंरभ करने के लिए उचित स्थानों की पहचान कर ली गई है ताकि यह सभी 117 प्रोजैक्ट शीघ्र अति शीघ्र आंरभ हो सकें।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि यह सम्मेलन राज्य में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए मील पत्थर साबित होगा। उन्होने सम्मेलन दौरान निवेश के लिए वचनबद्धता व्यक्त करने पर उद्योगपतियों और उद्यमियों का तह दिल से धन्यवाद किया। इस सम्मेलन दौरान उद्योग कप्तान श्री नैस वाडिया,श्री राजिन्द्र गुप्ता,श्री कमल ओसवाल,श्री विनीत नायर,श्री कु रूश ग्रांट और इंडियन स्कूल आफ बिजनैस के डीन श्री अजीत रंगनेकर ने संबोधित किया।इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में लोक सम्पर्क मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया,राष्ट्रीय मामलों एवं मीडिया संबधी सलाहकार श्री हरचरन बैंस,उपमुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री जंगवीर सिंह, मुख्य सचिव श्री राकेश सिंह, प्रधान सचिव उद्योग श्री करण अवतार सिंह , मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री एस के संधू, मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव श्री गगनदीप सिंह बराड़,केजेएस चीमा, श्री गुरकीरत कृपाल सिंह और अजोय कुमार शर्मा शामिल थे।