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शिमला के समीप दंत महाविद्यालय के लिए अलग परिसर का निर्माण किया जाएगाः वीरभद्र सिंह

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शिमला 07-Dec-2013

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य प्रदेश सरकार का प्राथमिक क्षेत्र है तथा प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक आधारभूत स्वास्थ्य उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार कृतसंकल्प है। सरकार ने अधोसंरचना विकास तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष बल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य मानकों पर राज्य के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री आज मण्डी जिले के सुन्दरनगर में इंडियन डेंटल एसोसियेशन के हिमाचल प्रदेश चैप्टर द्वारा आयोजित दो दिवसीय 12वें वार्षिक दंत सम्मेलन के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि सरकार दंत स्वास्थ्य देखभाल को भी समान महत्व दे रही है तथा मुख सम्बन्धी स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को सम्बद्ध कर दंत देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश में दंत देखभाल सेवाओं को विस्तार दिया गया है तथा वर्तमान में प्रदेश में 240 डेंटल क्लीनिक के माध्यम से 297 दंत चिकित्सकों, 107 डेंटल मैकेनिकस एवं 106 डेंटल हाईजिनिस्ट लोगों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान ही अगस्त 1994 में 20 विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ शिमला में पहला डेंटल कालेज आरम्भ किया गया था। आज यह कालेज देश के अग्रणी संस्थानों में एक है, जहां विद्यार्थियों की चार विषयों में विशेषज्ञता के साथ प्रवेश क्षमता 60 है। इसके अतिरिक्त राज्य में चार निजी दंत महाविद्यालय दंत देखभाल शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश सरकार इन सेवाओं को और विस्तार देने के लिए कृतसंकल्प है तथा हाल ही में शिमला जिले में घणाहट्टी के समीप 150 करोड़ रुपये की लागत से दंत महाविद्यालय के लिए अलग परिसर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। 

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 6 वर्षों का सेवाकाल पूरे कर चुके चिकित्सकों की सेवाओं को नियमित किया है तथा रोगी कल्याण समिति में अनुबंध पर सभी दंत चिकित्सकों को सरकारी अनुबंध में परिवर्तित किया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने सभी दंत चिकित्सकों के अनुबंध पारिश्रमिक की विसंगतियों को दूर कर ऐलोपैथिक चिकित्सकों के अनुबंध पारिश्रमिक के बराबर किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर दंत चिकित्सकों की तैनाती के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने दंत चिकित्सकों से अपने व्यावसायिक ज्ञान को नवीन अन्तर्राष्ट्रीय शोध एवं दंत चिकित्सा के क्षेत्र में हुए विकास के आधार पर स्तरोन्नत करने का आग्रह किया ताकि इस क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव में वह अपनी व्यवसायिक दक्षता को बनाए रख सकें। उन्होंने दंत चिकित्सकों से राज्य के दुर्गम एवं कठिन क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं प्रदान करने का भी आग्रह किया।

श्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर दंत चिकित्सकों के पंजीकरण शुल्क को 1000 रुपये से घटाकर 200 रुपये करने की घोषणा की।उन्होंने इंडियन डेंटल एसोसियेशन के हिमाचल प्रदेश चैप्टर की वैबसाईट का भी शुभारम्भ किया।स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 242 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं, जो योजना मद के अन्तर्गत गत वर्षों के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत 158 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हजारों पद भरे गए हैं तथा हाल ही में प्रदेश मंत्रिमण्डल ने दंत चिकित्सकों के 35 पद भरने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। 64 दंत चिकित्सकों की सेवाएं नियमित की गई हैं और उनके वेतन में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सकों, डेंटल मैकेनिकस एवं डेंटल हाईजिनिस्ट के रिक्त पद को प्राथमिकता पर भरा जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्कूल स्वास्थ्य शिविरों के द्वारा वर्ष में एक स्कूल जाने वाले सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है तथा इस प्रक्रिया को आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत सभी बच्चों तक विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य जांच के अन्तर्गत दंत देखभाल को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर संघ की स्मारिका का विमोचन भी किया।संघ के अध्यक्ष श्री नरेश कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।आबकारी एवं कराधान मंत्री श्री प्रकाश चौधरी, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री श्री अनिल शर्मा, मुख्य संसदीय सचिव श्री सोहन लाल ठाकुर, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव श्री टेक चंद डोगरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री पूरन चंद शर्मा, एपीएमसी मण्डी के अध्यक्ष श्री हरिन्द्र सेन, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री टी.जी. नेगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री अमित पाल सिंह, दंत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आर.पी. लुथरा, इमेरिटस की राज्य इकाई के अध्यक्ष डॉ. एन.सी. रॉव, निदेशक दंत स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. हेम लता सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।