स्कास्ट-जे में टीआईएसएलपी पर तीन दिवसीय राश्ट्रीय सम्मेलन आरंभ हुआ
सम्मेलन समाकलित खेती के इच्छुक किसानों के लिए मशालची होगा
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जम्मू 10-Apr-2017
पशु, भेड़ एवं मछली पालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने आज तीन दिवसीय राश्ट्रीय सम्मेलन ‘टैक्नालॉजीकल इंटरवेंशनस फार सस्टेनेवल लाइव स्टाक प्रोडेक्षन‘ का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन शेर-ए-कश्मीर युनिवर्सिटी आफॅ एग्रीकल्चरल सांइसिस एंड टैक्नालॉजी, जम्मू (स्कास्ट-जे ) ने सोसाईटी फार वेटनरी एंड एनीमल हसवैंडरी एक्सटेंशन (एसवीएएचपी) स्कास्ट कैम्पस के सहयोग के साथ आर. एस. पुरा में किया।वीसी स्कास्ट जम्मू प्रो प्रदीप कुमार शर्मा एवं वीसी स्कास्ट कश्मीर प्रो नजीर अहमद इस अवसर पर सम्मानित अतिथि थे।आयुक्त सचिव पशु एवं भेड़ पालन आर के भगत, सचिव स्कास्ट जम्मू डॉ वर्मा, निदेशक मछली पालन, निदेशक योजना, निदेशक पशु पालन जम्मू, निदेशक भेड़ पालन जम्मू, पशु चिकित्सक एवं शिक्षिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। पूरे देश से लगभग 300 वैज्ञानिक शोधवृति छात्र और पशु चिकित्सक भी उपस्थित थे।इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन प्षु विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में नई सुचनाएं एवं विचार प्रदान करने का एक मंच है जिसमें सकुशल रणनीति के साथ मवेशियों को बढावा देने और इंसानों के साथ जानवरों को भी एक अच्छा वातावरण एवं भलाई के बारे में ध्यान दिया जायेगा।
कोहली ने कहा कि यह सम्मेलन सहभागियों में विचार बांटने का एक मंच होगा और पशु चिकित्सकों एवं पशु पालन विज्ञान द्वारा झेली गई कठिनाईयों से निपटने की युक्ति भी इस सम्मेलन में बताई जायेगी। पशुओं के खाद्य पदार्थो पर बोलते हुए मंत्री ने वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं से कहा कि बदलते वातावरण की स्थिति को देखते हुए पशुओं के खाद्य पदार्थो पर और ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा कि स्कास्ट जे और एसएवीएचई ऐसे सम्मेलनों को आयोजित करके सभी व्यवसायी जैसे कि पशु पालन, मछली पालन, खेतीबाडी एवं शिक्शा के क्षेत्रो से सम्बंध रखने वालों को एक ही छत के नीचे एकत्रित करके उन्हें एक मंच प्रदान किया है जो कि एक सराहनीय कदम है।आयुक्त सचिव पशु एवं भेड़ पालन आर के भगत, वीसी स्कास्ट जम्मू प्रो प्रदीप कुमार शर्मा एवं वीसी स्कास्ट कश्मीर प्रो नजीर अहमद ने भी इस अवसर सम्बोधित किया।एसएवीएचई ने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं पशु चिकित्सकों को मवेशियों के क्शेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए विभिन्न श्रेणी के पुरस्कार भी दिये। इसके उपंरात ने दूसरे राश्ट्रीय सम्मेलन की स्मृति और संग्रह भी जारी की।