5 Dariya News

सैपरेट स्टेट की बजाय सुपर स्टेट बने जम्मू कश्मीर-नेरन्द्र मोदी

5 दरिया न्यूज

जम्मू 01-Dec-2013

ललकार रैली में पहुंचे भाजपा के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने आज यहां कहा कि जम्मू-कश्मीर को सैपरेट स्टेट की बजाय सुपरस्टेट बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 60 सालों से जम्मू-कश्मीर को सैपरेट स्टेट बनाने के लिए गीत गुनगनाए जा रहे हैं जिससे बर्बादी कि सिवा कुछ नहीं मिला। हजारों देशभक्तों की कुर्बानियां हुई और दिल्ली के खजाने को लूटने का काम हुआ है जिसका हिसाब तक नहीं नहीं है राज्य के पास।उन्होंने कहा कि सैपरेट स्टेट के नारों से केवल अलगाववाद को बढ़ावा मिला है, अच्छा होता सैपरेट स्टेट के सपने के बजाय सुपरस्टेट के समने देखे होते। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को सुपर स्टेट बनाना है यह सपना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का है जिसे भाजपा सत्ता में आने पर पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में यह मान्यता फैलाई गई कि जम्मू-कश्मीर अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता जबकि जम्मू-कश्मीर एक ऐसा प्रदेश हैं जहां संसाधनों की कमी नहीं है।यहां की प्राकृतिक सुन्दरता और जड़ी-बूटियां एक ऐसी धरोहर है कि इससे राज्य की तस्वीर बदल सकती है। आज विश्व में हर्बल मेडिसल की मांग बड़ी है जिसका बड़ी मात्रा में एक्पोर्ट हो रहा है, जम्मू-कश्मीर हिमालय की खोद में होने के कारण इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है। पर्यटन का राज्य में बहुत बड़ा उद्योग है जिसे जानबूझ कर खत्म किया गया। 

उन्होंने कहा कि आज केलाश मानसरोवर की यात्रा नेपाल से होकर जा रही है अगर लेह से इसका मार्ग खोल दिया जाये जो नेपाल को होने वाली आमदनी जम्मू-कश्मीर को हो सकती है और कई बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकता है।उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में महिलाओं को पुरूषों के बराबर अधिकार नहीं है। जो अधिकार मुख्यमंत्री को हैं वह उनकी बहन को नहीं है क्योंकि उन्होंने राज्य से बाहर शादी की है। उन्होंने कहा कि मैं यहां हिन्दू-मुस्लिम की बात करने नहीं आया हूं बल्कि जम्मू-कश्मीर के सवा करोड़ लोगों की बात करने आया हूं। उन्होंने कहा कि आज गुजरों, बक्करवालों, सिया, जम्मू संभाग व लेह से भेदभाव हो रहा है। जम्मू की धरती बेघर हुए लोगों की भूमि बन गयी है जिसे बेहतर लोगों की भूमि बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज साम्प्रदायिकता के नाम पर लोगों को डराया जा रहा है, उनका शोषण किया जा रहा है और यही जादू की पुड़ियां कांग्रेस को वोट बैंक दिलाने का जरिया बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अब बंटवारे की राजनीति नहीं चलेगी उन्होंने जनता से आह्वान किया कि एक बार एकजुट होकर आवाज उठाओ न तो राज्य की सरकार और न ही केन्द्र की सरकार आपके विकास को रोक सकती है। 

उन्होंने उपस्थित भीड़ से पूछा कि क्या राज्य में भ्रष्टाचार है ? राज्य के नेता इसमें लिप्त हैं ?तो फिर क्यों न इस पर कानून लाकर रोक लगाई जाए परन्तु राज्य सरकार जानबूझ कर देश के कानून को नजरअंदाज कर अपनी जिम्मेवारी व जवाबदेही से बच रही है। देश में पास होने कानूनों को राज्य से दूर रखा जा रहा है। यहां तक कि पंचायतों को अधिकार नहीं दिए जा रहे। उन्होंने कहा कि धारा 370 से आज राज्य ने क्या पाया और क्या खोया इस पर देश के राजनीकि पंडितों व राजनेताओं को सोचने की जरूरत है। अगर इससे राज्य का विकास हुआ है, बेरोजगारी खत्म हुई या फिर राज्य सम्पन्न हुआ है तो इसे बने रहना चाहिए परन्तु यदि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है तो इसे खत्म कर राज्य की तस्वीर बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि यह धारा 370 घिसते-घिसते घिस जायेगी परन्तु कांग्रेसनीत सरकार इस पर अमल करने की बजाय दूसरों को बुजुर्गों की बात अमल मे ंलाने की नसीयत दे रही है। लगभग सवा लाख के करीब रैली में पहुंचे लोगों को सम्मोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि इतिहास में पहली बार केवल मुझे इतनी बड़ी संख्या में लोगों के दर्शन करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कहा कि महाराजा हरिसिंह समाज सुधारक थे जिन्होंने अपने शासन में कन्या शिक्षा को विशेष महत्व दिया और देश के सबसे बड़े कलंक छूआछूत को दूर किया। उन्होंने मंदिरों में दलितों के स्वागत का अभियान चलाया और मैं यकीन से कहता हूं कि अगर महाराजा राज्य की निर्णय व्यवस्था में शामिल होते हो आज जम्मू-कश्मीर की यह दुर्दशा न होती। उन्होंने अपने शासनकाल में इस राज्य के लिए वह काम किए जिन्हें जानबूझ कर इतिहास से घायब किया गया। 

मोदी ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम आते ही हममें चेतना आ जाती है और मैं देश के पंडितों व राजनेताओं से आह्वान करता हूं कि वह बताएं कि जम्मू-कश्मीर को लेकर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नजरिया सही था या फिर पंडित जवाहर लाल नेहरू का। उन्होंने कहा कि अगर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान न हुआ होता तो आज हमें भी पासपोर्ट लेकर जम्मू-कश्मीर में आना पड़ता। उन्होंने जम्मू कश्मीर के महापुरूषों पंडित प्रेमनाथ डोगरा, ब्रि. राजेन्द्र सिंह, सोमनाथ शर्मा, मकबूल शेरबानी अब्दुल अजीज का जिक्र करते हुए कहा कि हजारों लाल भारत ने जम्मू-कश्मीर में खोए हैं। उन्होंने राज्य की सुरक्ष के लिए कुर्बान होने वाले लाखों सुरक्षाबलों को स्मरण करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की। 

उन्होंने राज्य की अलगावादी शक्तियों पर प्रहार करते हुए कहा कि इसका फायदा केवल 50 परिवारों को हुआ है जबकि इसने राज्य को सिवाय पीड़ा, बेराजगारी, आतंक के कुछ नहीं दिया। उन्होंने पाक व चीन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इनकी नीतियों के चलते राज्य कई मुसीबतों में पड़ा है जिसके लिए केवल केन्द्र सरकार जिम्मेवार है। अगर चीन जम्मू-कश्मीर व उतराखंड के लिए नत्थी वीजा देने की बात करता है तो उसे केन्द्र सरकार को साफ शब्दों में बता देना चाहिए कि तिब्बतियों को भी भारत नत्थी वीजा ही देगा।