बेलन ब्रिगेड ने महिलाओं पर हो रहे जुल्म के खिलाफ जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
गीतों में महिलाओं को माँ की मोमबत्ती व जुगनी कह कर उसका मजाक उड़ाया जा रहा है- अनीता शर्मा
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लुधियाना 08-Mar-2017
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेलन ब्रिगेड ने देश के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन लुधियाना के जिलाधीश रवि भगत को दिया। देश की महिलाओं के प्रति बढ़ते जुल्म जिसमें माता चंद कौर का कत्ल और 11 वर्षीय बालिका से बलात्कार के बाद बच्ची का जन्म आदि जुल्मों के दोषी आज तक नही पकडे गए हैं।इस मौके पर बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्किटेक्ट अनीता शर्मा ने कहा कि भारत देश में आज के आधुनिक युग में पहुँचने के बाद भी महिलाओं को उनके पूर्ण अधिकार नही मिले है। और अब समय आ गया है हर महिला को पुरानी प्रथा छोड़कर नए युग में अपने अधिकारों के लिए लड़ना है और देश के लोगों को यह दिखाना है कि नारी एक शक्ति है जो मर्दों को जन्म देने वाली माँ है जो नौ महीने तक गर्भ में बच्चे को पाल कर, दुःख झेल कर पुरुष को जन्म देने वाली यह नारी कमजोर नही है।अनीता शर्मा ने कहा कि आज भौतिक युग में कम्प्यूटर इन्टरनेट ने दुनिया को आँखों के सामने लाकर खड़ा कर दिया है और आप दुनिया को घर बैठे देख सकते है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि कई पश्चिम देश जो विकसित है यहां लॉ एंड आर्डर, रोजगार सुरक्षा जनता को हर तरह की सुरक्षा प्राप्त है लेकिन दूसरी तरफ भारत यहां पर लोग सुरक्षित नहीं है,
अनपढ़ है, पुरानी प्रथाओं में लिपटे बैठे है अंधविश्वासी, स्वार्थी और पैसे के लालची है। ऐसी दशा में हम विकसित देशों की नक़ल नही कर सकते। दूसरी तरफ इंटरनेट आने से भारत की महिलाऐं ओर असुरक्षित हो गई है क्योकि भारत का युवा वर्ग व पुरुष वर्ग इंटरनेट मोबाइल पर पोर्न वीडियो, नग्न महिलाओं की अश्लील तस्वीरें देख कर काम वासना में अंधे होकर महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना रहे है । यहां का सारा पुलिस प्रशासन, न्याय प्रणाली रिश्वतखोरी, भाई भतीजवाद व माफिया की भेंट चढ़ चुकी है। महिलाओं की कोई पुकार सुनने वाला नहीं है दर दर पर महिलाओ को बेइज्जत किया जाता है। गीतों में महिलाओं को माँ की मोमबत्ती व जुगनी कह कर उसका मजाक उड़ाया जाता है। फिल्मों व टी वी नाटको में महिलाओं को काम वासना के रूप में पेश किया जा रहा है जो महिलाओं का अपमान है।अनीता शर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है नारी को अपनी शक्ति दिखानी होगी ताकि महिलाऐं देश की प्रगति में अपना योगदान डाल कर अपने अधिकारों को पुरुष के बराबर हासिल करे। और जुगनी , माँ दी मोमबत्ती जैसे गीतों के शब्दों पर रोक लगाई जाए और लड़कियों को अपने सेल्फ डिफेन्स के लिए कराटे का प्रशिक्षण दिया जाए ताकी महिलाओं के मन से असुरक्षा की भावना बाहर निकले और अपनी सुरक्षा खुद करे।इस अवसर पर बहन सतनाम कौर, अमन बावा, बीबी गुरजीत कौर, जसपाल कौर, बलविंदर कौर, माता मनजीत कौर, हरजिंदर कौर, लखवीर कौर, राजवीर कौर, प्रकाश कौर, दविंदर कौर, बलवीर कौर, कुलदीप कौर, अमरजीत कौर, चरणजीत कौर, सुरिंदर कौर, एकमप्रीत कौर ने भी महिलाओं को संबोधित किया।