मखंड में हुए घोटाले के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर- दुष्यंत चौटाला
बधाना के लिए बस चलाने और विश्वविद्यालय के सामने बस रोकने के निर्देश दिए
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जींद 01-Mar-2017
मखंड में सोलर लाइट लगाने के मामले में हुए घोटाला की जांच कर अधिकारी इसकी रिपोर्ट दस दिन तक सौंपें और इसके लिए दोषी अधिकारियों के लिए खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। ये निर्देश मंगलवार को इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने जींद में आयोजित दिशा की बैठक में जिला उपायुक्त को दिए। इसके अलावा सांसद दुष्यंत चौटाला ने दो सप्ताह में उचाना में कम्युनिटी टायलेट बनवाने, जींद में प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तहत बनी सभी सडक़ों और नेशनल हेल्थ मिशन के तहत खर्च की गई राशि की जांच करने के भी निर्देश भी दिए। इस बैठक में सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक, सिरसा से सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, उपायुक्त विनय कुमार यादव अतिरिक्त उपायुक्त आमना तस्नीम भी मौजूद थे। दिशा की बैठक में अधिकारियों ने सांसद के समक्ष माना कि मखंड में लगी सोलर लाइटों में गडबड़झाला हुआ और 60 की जगह 46 लाईटें लगाई गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि तात्कालीन बीडीपीओ अब सेवानिवृत्त हो चुका है और उनकी पेंशन रोकने के आदेश दिए गए हैं। सांसद दुष्यंत चौटाला ने सांसद आदर्श गांव के तहत चुने मखंड गांव में सोलर लाइटों के लिए 8 लाख 31 हजार रूपये दिए थे और इसमें 60 लाईटें लगाई जानी थी। सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार का यह बड़ा मामला है और चाहे कोई अधिकारी हो, उसके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज करवाया जाए।
प्रधानमंत्री सडक़ योजना का लिया संज्ञान-बैठक में सासद दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तहत बनी सडक़ों की जानकारी हालिस की और अब तक जिले में बनीं सभी सडक़ों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनकी गुणवत्ता सहित रखरखाव की जांच होनी चाहिए। 70 प्रतिशत राशि वेतन में लग गई तो रोगियों को क्या फायदा होगा-दिशा की बैठक में सांसद दुष्यंत चौटाला ने एनएचएम योजना के तहत खर्च की गई राशि का ब्यौरा मांगा तो वे उस समय हतप्रभ रह गए जब उन्हें बताया कि 11 करोड़ के बजट में 7 करोड़ 70 लाख रूपये की राशि तो कर्मचारियों के वेतन व अन्य सुविधाओं पर खर्च कर दी गई। इस राशि से न कोई एंबुलैंस खरीदी गई और न ही कोई मशीन। सांसद दुष्यंत चौटाला ने सवाल खड़ा किया कि ऐसे में रोगियों का लोगों का स्वास्थ्य कैसे सुधरेगा। दुष्यंत ने उपायुक्त को इस मामले की जांच करने को कहा। बैठक में सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा कुपोषण से संबंधित आंकड़ें मांगे तो अधिकारी इसका जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह में पिछले पांच वर्षों के आंकड़ें उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की मांग पर गौर करते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने बैठक में उपायुक्त को बधाना के लिए बस चलवाने और विश्वविद्यालय के सामने बसों का ठहराव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पूर्व विधयक कलीराम पटवारी, प्रदीप गिल, अनुराग खटकड़, काला नंबरदार भी उपस्थित थे।