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आर.के.एम.वी. गुणात्मक शिक्षा के आदर्श केन्द्र के रूप में उभर रहा हैः मुख्यमंत्री

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शिमला 20-Nov-2013

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में श्रेष्ठ शिक्षा अधोसरंचना सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि ऐसे पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को भी शहरी क्षेत्रों के छात्रों के समकक्ष गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाई जा सके। मुख्यमंत्री आज यहां राजकीय कन्या महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ द्वारा आयोजित संस्थापक दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में समुचित अधोसंरचना के विकास, अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने और आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की नियुक्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।वीरभद्र सिंह ने कहा कि सभी छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं और अध्यापकों को बेहतर कार्य परिस्थितियां प्रदान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है ताकि छात्रों को नैतिक मूल्यों पर आधारित श्रेष्ठ शिक्षा प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापकों की पदोन्नति की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है और पदोन्नत होने वाले अध्यापकों को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती दी जाएगी ताकि इन क्षेत्रों में अध्यापकों की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में उपस्थिति दर्ज न करवाने वालों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। किन्तु असाधारण परिस्थितियों में मज़बूत मानवीय आधार पर ऐसे मामलों पर विचार किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय कन्या महाविद्यालय ने गुणात्मक शिक्षा के उच्च मानक स्थापित किए हैं और यह महाविद्यालय प्रदेश में लड़कियों का अकेला महाविद्यालय रह चुका हैै। यह महाविद्यालय श्रेष्ठ केन्द्र के रूप में उभर रहा है और यहां गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कालेज में अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं सृजित करने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने महाविद्यालय में पुराने भवन के स्थान पर नए बहुमंजिला खण्ड के निर्माण की घोषणा पहले ही कर दी है। इस खण्ड का निर्माण कार्य शीघ्र ही आरम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि इस निर्माण कार्य को एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ को तीन लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की।

वीरभद्र सिंह ने संस्थापक दिवस समारोह की स्मृति में संघ द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।मुख्यमंत्री को इस अवसर पर महाविद्यालय के अविभावक-अध्यापक संघ की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 31 हजार रुपये का चैक भेंट किया गया।उन्होंने इस अवसर पर संघ के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती मीरा आहलुवालिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कालेज में समय-समय पर अधोसंरचना सृजन एवं अन्य सुविधाओं के लिए उदार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर कालेज पूर्व छात्र संघ के इतिहास और स्मृति को दर्शाते एक वृत चित्र को भी दिखाया गया, जिसे व्यापक सराहना मिली।कालेज की पूर्व छात्राओं द्वारा इस अवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

संघ की अध्यक्ष श्रीमती मीरा सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।नगर निगम शिमला के महापौर श्री संजय चौहान, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.डी.एन. बाजपेयी, प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य श्री हरीश जनारथा, पार्षद श्रीमती अर्चना धवन, शिमला जिला कांग्रेस समिति के सचिव श्री अतुल गौतम, हिमउर्जा निदेशक मण्डल के सदस्य श्री धर्मपाल ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा श्री दिनकर बुराथोकी, संयुक्त निदेशक युवा सेवाएं एवं खेल श्रीमती सुमन रावत, शिक्षा विभाग की ओ.एस.डी. श्रीमती मंजुषा पठानिया और श्रीमती सरोज जसवाल, कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य और पूर्व छात्र इस अवसर पर उपस्थित थे।