5 Dariya News

वेटलैंड की बहाली के लिए 34 करोड रु. की परियोजना पेश की गई है- चौधरी लाल सिंह

शीघ्र ही वुल्लर झील का अधिक संरक्षण किया जाएगा

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जम्मू 17-Jan-2017

वन एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह ने सदन में बताया कि राज्य सरकार ने केन्द्र को राज्य में वैटलैंड की पुनःबहाली के लिए 34.4 करोड रु. की एक प्रोजैक्ट रिपोर्ट तैयार की है।उच्च सदन में मोहम्मद मुज्जफर परे के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि कंजरवेशन ऑफ इक्वेटिक इको सिस्टम नेशनल प्लान (एनपीसीए) के तहत प्रस्ताव पेश किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत होकरसर, हैगाम तथा सम्बंधित वैटलैंडों के पुनः बहाली के कार्यो को केन्द्र से राशि की स्वीकृति के उपरांत हाथ में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त वैटलैंड में सभी संकटपूर्ण क्षेत्रों की खुदाई के लिए भी एक वाटर मास्टर क्लासिक प्ट प्रस्तावित किया गया है। 

वन मंत्री ने बताया कि हालिया वन्यजीव संरक्षण विभाग 15 चुनिंदा वैटलैंड का प्रबंध कर रहा है जिसमें से कश्मीर क्षेत्र में हेगाम, मीरगुंड, छल्लाबग, फ्रैशकुरी, मनीबग, चतलम, क्रांचु तथा होकरसर नाम के 8 वैटलैंड हैं तथा जम्मू क्षेत्र में सरूईंसर-मानसर, घराना तथा रंजीत सागर के 3 वैटलैंड हैं। उन्होंने कहा कि लददाख क्षेत्र में पेनगॉन झील, तसोमोरिरी, तसोकर तसो तथा तसीगुल तसो की 4 वैटलैंड हैं।मंत्री ने कहा कि वुल्लर झील का कार्य वुल्लर संरक्षण एवं प्रबंधन प्राद्यिकरण द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झील को उसके अपने आकार में लाने के लिए बचे हुए विलो पेडों को काटकर तथा गाद निकालकर वुल्लर झील पर शीघ्र ही अधिक संरक्शण प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में वुल्लर झील तथा अन्य वैटलैंड की अतिक्रमित भूमि की प्राप्ति के लिए सभी आवश्यक कदम भी उठाएगी।