5 Dariya News

लघु उद्योग भारती की सजगता से देश के विकास कार्यों में आएगी तेजी : अरविंद धूमल

नववर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने एम.एस.एम.ई. के महत्व को स्वीकार की घोषणाएं

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जालंधर 01-Jan-2017

सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों की समस्याओं व उनके निदान के प्रति लघु उद्योग भारती की सजगता से देश के विकास कार्यों में तेजी आएगी। इस बात को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने राष्ट्र के नाम संदेश मेें स्वीकार किया है। उक्त घोषणा लघु उद्योग भारती पंजाब के अध्यक्ष एडवोकेट अरविंद धूमल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए की। श्री धूमल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश मित्तल द्वारा प्रधानमंत्री व केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेतली को बजट पूर्व भेजे गए अपने सुझावों  को प्रधानमंत्री ने गंभीरता से लिया है। उन्होने राष्ट्र के नाम संदेश में एम.एस.एम.ई. के महत्व को पहचानते हुए छोटे उद्योगों, कारोबारियों के लिए क्रैडिट गारंटी एक करोड़ से बढ़ा कर दो करोड़ करने एन.बी.एस.सी. (नान बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी) का ऋण भी इस योजना के अंतर्गत कवर करने से, कैश क्रैडिट लिमिट 20 प्रतिशत से बढ़ा कर 25 प्रतिशत तथा डिजीटल ट्रांजेक्शन पर वर्किंग कैपिटल लोन 20 प्रतिशत से बढ़ा कर 30 प्रतिशत करने से उद्योगों को भारी राहत मिलेगी। 

श्री धूमल ने कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या लघु उद्योगो,कारोबारियों के लिए राहत भरा संदेश लेकर आई है। आगामी समय में भी यह सुविधाएं और बढ़ेंगी।लघु उद्योग भारती पंजाब चंडीगढ़ के प्रभारी दिनेश लाकड़ा ने बताया कि देश में करीब 4 करोड़ सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग है। इनके माध्यम से करीब 8 करोड़ से अधिक लोगो को प्रत्यक्ष रूप से  रोकागार मिल रहा है। अप्रत्यक्ष प्रधानमंत्री ने जिस तरह एम.एस.एम.ई. की जरूरतों के प्रति सजगता दिखाई है। इससे स्पष्ट है कि आगामी वित्त वर्ष में भी जनसाधारण के साथ-साथ छोटे उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयकर की छूट सीमा 5 लाख करने तथा 10 लाख तक आयकर 10 प्रतिशत करने, केंद्र सरकार हर माह कम से कम 10 लाख युवाओं को रोजगार देने के लिए भी उचित कारगर कदम उठाने,एक अलग विभाग बना कर बहुत छोटे, छोटे व  कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने तथा इन उद्योगों में पूंजी निवेश सीमा एक करोड़  तक रखी जाए। जिनमें कार्यरत कर्मचारियों की सीमा संख्या 50 तक सीमित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे जहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे वहीं स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

लघु उद्योग भारती पंजाब के सचिव अवनीश परमार ने बताया कि श्री मित्तल ने जी.एस.टी., लेबर, बिजली, बैंकिंग, टैक्स सुधार, कर्मचारी सुरक्षा ,महिला सशक्तिकरण व अन्य विषयों पर देश भर से एकत्रित सुझावों पर आधारित अपना लिखित ज्ञापन भी वित्त मंत्री को सौंपा है।श्री धूमल ने श्रमिको  के बैंक खाता खोलने के लिए आ रही मुश्किलों, नया बैंक खाता खोलने के लिए पैनकार्ड की बजाए आधार कार्ड को लिंक करने,  प्रवासी श्रमिकों के बैंक खाते खोलने  संबंधी नियमों को सरल करने के लिए भारतीय रिकार्व बैंक की शर्तों का सरलीकरण किया जाए उद्योगपतियों के 50 हजार तक की कैश निकासी की शर्त को निरस्त किया जाए, स्वघोषणा योजना के अंतर्गत अघोषित संपत्ति के मामलों के सैटल होने के बाद पुराने नोटिसों का हवाला देकर आयकर विभाग द्वारा बार-बार जवाब मांगने व अन्य प्रकार के प्रताडऩों को रोकने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए ताकि सरकार की ऐसी योजनाओं  का लोग सार्थक प्रयोग कर सके।  इस अवसर पर लघु उद्योग भारती पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जैन,  पंजाब प्रदेश मीडिया प्रभारी विक्रांत शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय तलवाड़, संयुक्त सचिव विशाल दादा, विवेक राठौर, अनुज कपूर व अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे।