राज्यपाल ने बुनियाद फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘सीएसआर इस्तेमाल पर एनजीओ कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन किया
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जम्मू 29-Dec-2016
राज्यपाल एन एन वोहरा ने राज्य के दूर दराज के पिछड़े क्षेत्रों में सबसे योग्य और जरूरतमंद लोगों के विकास के लिए निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत उपलब्ध धनराशि के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए कहा। उन्होंने गुलशन ग्राउंड, जम्मू मं आज बुनियाद फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘सीएसआर इस्तेमाल पर एनजीओ सम्मेलन’ का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।राज्यपाल ने बुनियाद फाउंडेशन को बधाई दी और कहा कि कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक के कारोबार वाली हर कंपनी को अपने निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत अपने मुनाफे का 2 प्रतिशत सामाजिक मुद्दों पर खर्च करना अनिवार्य है। राज्यपाल ने सीएसआर दायित्व वाली कंपनियों के साथ सरकार द्वारा निकट संपर्क स्थापित करने की जरूरत पर बल दिया और सीएसआर के लिए धन के प्राथमिक उपयोग सुनिष्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के दृष्टिकोण से राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वित किए जा रही विकास कार्यक्रमों के पूरक के तौर पर चिन्हित क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में केंद्रित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
एक पूरी तरह से सरकार-गैर सरकारी संगठन समन्वित दृष्टिकोण पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से वयस्क साक्षरता, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल आदि जैसे क्षेत्रों में एक लंबा रास्ता तय होगा।राज्यपाल ने याद किया कि इससे पहले इस साल, राज्यपाल शासन की अवधि के दौरान, उन्होंने, सीएसआर के तहत उपलब्ध कुल धन का एक समग्र दृष्टिकोण लेने और किस तरह से लोगों के अधिकतम लाभ को सुरक्षित करने के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, योजना व वित्त सचिवों सहित अधिकारियों के एक समूह की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि वह इससे अनजान है कि इस समूह का अस्तित्व क्या समाप्त हो गया है।जुल्फिकार अहमद, प्रबंध ट्रस्टी, बुनियाद फाउंडेशन ने प्रकाश डालते हुए कहा कि तीन साल पहले शुरू हुई एनजीओ द्वारा अब तक 2000 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 65 प्रतिषत विभिन्न संगठनों में कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बुनियाद फाउंडेशन देश भर में सभी हितधारकों के बीच जागरूकता पैदा करने में लगी हुई है।प्रो अशोक एमा, उप कुलपति, जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय और डॉ रेणु नंदा, विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग, जम्मू विश्वविद्यालय ने भी कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत प्रदान समाज के प्रति गैर-सरकारी संगठनों की जिम्मेदारियों पर अपने अनुभवों को साझा किये।