मुख्यमंत्री द्वारा श्री ननकाना साहिब व श्री पंजा साहिब की नि:शुल्क यात्रा को यकीनी बनाने के लिए प्रयास करने का एलान
गुरद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में स्थापित किए जा रहे सिख स्टडीज़ मल्टी मीडिया सैंटर के लिए 10 करोड़ रूपए का चैक सौंपा
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नई दिल्ली 18-Dec-2016
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज कहा कि यदि अकाली भाजपा गठजोड़ सरकार को तीसरी बार राज्य की सेवा करने का मौका दिया गया तो पाकिस्तान में स्थित सिखों के पावन गुरूधाम श्री ननकाना साहिब और श्री पंजा साहिब के दर्शनों के लिए संगतों के लिए नि:शुल्क यात्रा यकीनी बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे जिन्हेें सिख पंथ से अलग किया गया है। इन गुरूधामों के दर्शन दीदार के लिए सिख प्रतिदिन अरदास करते हैं।आज यहां इन्दिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के मौके उनके जीवेन और फिलास्फी पर करवाए मल्टीमीडिया प्रोग्राम के बाद विशाल जनसमूह को स बोधन करते मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने पवित्र स्थल श्री नंदेड़ साहिब, वाराणसी, कटड़ा (माता वैष्णों देवी), अजमेर शऱीफ, सालासर, मद्रास व अन्य पावन नगरों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम आरंभ करके पंजाबवासियों को इन स्थानों के दर्शन करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यात्रियों के लिए मुफत रेलों व बसें चलाई जा रही हैं जिनमें खाने-पीने समेत हर सुविधा नि:शुल्क मुहैया करवाई जा रही है। स.बादल ने दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंध कमेटी को श्री दरबार साहिब, अमकृतसर के दर्शनों के लिए संगत के लिए यहां विशेष बसें चलाने के लिए कहा ताकि श्रद्धालू श्री हरमंदिर साहिब को जाती विश्व स्तरीय हैरीटेज स्ट्रीट देख सकें।इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंध कमेटी को अपील की कि आगामी वर्ष जनवरी के पहले सप्ताह दौरान पटना साहिब में श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के पवित्र जन्म स्थान पर नतमस्तक होने के लिए संगतों के लिए मुफत यात्रा को यकीनी बनाया जाए। स.बादल ने कहा कि ऐसे सभी प्रयास तब ही संभव हुए हैं क्योंकि राज्य में पंथ को समर्पित व जनपक्षीय अकाली-भाजपा गठजोड़ सत्ता में है।
मुख्यमंत्री ने सिख कौम को दशमेशु पिता के सच्च सिख होने के नाते एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरू जी ने सदैव ही एक परमात्मा और मानवता के लिए प्यार का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को इस मार्ग पर चलने की अपील की ताकि सिख पंथ समूची मानवता के भले के लिए अच्छे कार्य करके प्रसिद्धी हासिल कर सके। उन्होंने पंथ विरोधी कांग्रेस सरकार की आलोचना की जिन्होंने सिखों के पवित्र स्थान श्री हरमंदिर साहिब पर हमला करवाया व 1984 की सिख नस्लकुश़ी को अंजाम दिया।स.बादल ने कहा कि सिख भाईचारा केवल पंजाब में ही नहीं बल्कि देश-विदेश में भी प्रत्येक क्षेत्र में लामिसाल तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड की बात है कि यदि सिख भाईचारा एकजुट रहे तो प्रत्येक की कल्पना से हटकर कुछ अलग कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के ऐतिहासिक दिन हमें एकजुट होने का प्रण करना चाहिए जो सिख पंथ की शानदार रिवायतों का स ाान होगा क्योंकि हमारे महान गुरूओं ने सिखों को सदैव ही चढ़दीकलां में रहने का संदेश दिया है। लोगों को श्री गुरू गोबिंद सिंह जी द्वारा दर्शाए मार्ग पर चलने का आह्वान करते मुख्यमंत्री ने कहा कि सरबंसदानी की लामिसाल कुर्बानी विश्व इतिहास के लिए प्रकाश पुंज होगा जिसने दबे कुचले लोगों को मुगल हकूमत के जुल्म, दमन व अन्याय भरे शासन विरूद्ध जूझने का राह दिखाया। स. बादल ने कहा कि 'श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के महान जीवन का प्रत्येक पल हमारे लिये प्रकाश पुंज है जिन्होंने धर्म निरपेक्षता की सदियों पुरानी रिवायतों को कायम रखने के अतिरिक्त मानवीय अधिकारों तथा धर्म की आज़ादी की रक्षा के लिए बेमिसाल योगदान डाला। यहां तक कि इसक ी खातिर उन्होंने अपने सहित सरबंस कुर्बान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भाग्यशाली है जिनको अपने जीवन के दौरान ऐसे यादगारी समागम मनाने का अवसर हासिल हुआ है जो देश में अमन शांति, सम्प्रदायिक सद्भावना, भाईचारक सांझ एवं एकता की गांठों को और मज़बूत करने के लिए एक साधारण सा प्रयास है। स. बादल ने कहा कि पावन श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी सर्वव्यापक भाईचारा, धर्म निरपेक्षता तथा समाजवाद का प्रकाश पुंज है जो मानवता को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब की नींव मुस्लिम फकीर मियां मीर ने रखकर धर्म निरपेक्षता के संकल्प को मज़बूत किया और इसके चार दरवाजे मानवीय एकता के प्रतीक हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि दशमेश पिता जी के 350वें प्रकाश दिवस को पूरी दुनिया में धार्मिक जोश तथा श्रद्धा भावना से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज का यह समागम इस पवित्र दिवस को मनाने के लिये बनाये गये कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने लोगों को आगामी दिनों में इस दिवस को समर्पित करवाये जा रहे समागमों में बढ़चढ़ कर शामिल होने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरू गोबिंद सिंह जी ने अपने पिता श्री गुरू तेग बहादर जी को धर्म एवं न्याय क ी खातिर कुर्बानी देने की अपील करके जबरी धर्म परिवर्तन के विरूद्ध मानवता को संदेश दिया। जात, रंग, नस्ल के आधार पर भेदभाव को समाप्त करने के लिए श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के महान संदेश को याद करते हुये स. बादल ने कहा कि गुरू जी ने खालसा पंथ को खंडे -बाटे से अमृत छकाने का आदेश देकर समानता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुलामी की जलालत को समाप्त करने के लिए गुरू जी ने बाबा बंदा सिंह बहादर जी को पंजाब भेजा जिन्होंने मुगलों विरूद्ध बहादुरी से युद्ध लड़कर उनको मात दी और पहले सिख राज की स्थापना की।
इस अवसर पर गुरू साहिबान की शिक्षाओं पर चलने की प्रेरणा देते हुये उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि विश्व के समूह पंजाबियों को आगामी माह पटना साहिब पहुंचकर दशम पातशाह श्री गुरू गोबिंद सिंह जी का प्रकाश प्रर्व धूमधाम से मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोडऩे के लिये और इतिहास से अवगत् करवाने के लिए अकाली-भाजपा गठजोड़ सरकार ने बहुत प्रयास किये हैं और विरासत-ए-खालसा, बड़ा एवं छोटा घल्लूघारा, चप्परचिड़ी में बाबा बंदा सिंह बहादर की यादगार सहित बहुत सी ऐतिहासिक ईमारतों को भी संभाला है।उन्होंने घोषणा की कि विश्वभर में प्रसिद्ध गुरू की नगरी अमृतसर साहिब की कायाकल्प के लिए वह गंभीरता से कार्य कर रहें हैं और जिस प्रकार टाउन हाल से लेकर श्री हरमंदिर साहिब तक के रास्ते को खूबसूरत बनाया गया है उसी प्रकार अगामी तीन वर्षो में संपूर्ण अमृतसर शहर को खूबसूरत स्वरूप प्रदान किया जायेगा और यह शहर विश्व के खूबसूरत शहरों में शूमार हो जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि श्री हरमंदिर साहिब में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये अंडरग्राउंड प्लाजा का उद्घाटन 20 या 21 दिसंबर को कर दिया जायेगा जहां अति आधुनिक ढंग से सिख इतिहास से अवगत् करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को गुरू जी द्वारा दर्शाये मार्ग पर चलने के लिए और सिखी के अमीर विरसे से अवगत् करवाने के लिए जो सार्थक कदम मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल द्वारा उठाये गये हैं वह अपने आप में मिसाल हैं।
स.सुखबीर सिंह बादल ने इससे पूर्व श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के 350 साला प्रकाश उत्सव की विश्व के समूह पंजाबियों को बधाई दी और आह्वान किया कि सभी को गुरू साहिब द्वारा दर्शाए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने विश्वभर में सिख कौम द्वारा बनाई एक विशेष पहचान पर गर्व महसूस करते कहा कि आज दुनियां का ऐसा कोई देश नहीं जहां सिखों ने अपना झंडा ना लहराया हो। उन्होंने कहा कि कैनेडा समेत विश्व के विभिन्न मुल्कों में पंजाबियों ने नाम कमाया है और उन मुल्कों की सियासत में भी एक अलग मुकाम हासिल किया है। उन्होंने समूह पंजाबियों को एकजुट होने की अपील करते कहा कि जिस कौम में एकता होती है वह कौम विकासमुखी होगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली के मंडी हाउस चौंक के समीप पंजाब सरकार की मलकियत वाले नाभा हाउस में महान सिख जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादर के आदम कद प्रतिमा से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस प्रतिमा को स्थापित करने की स्वीकृति नही दी जिस करके पंजाब सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में अपनी जगह पर यह बुत स्थापित करने का फैसला करना पड़ा जो इस महान योद्धा को श्रद्धांजलि देने का एक साधारण सा प्रयास है।
इस दौरान मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली सिख गुरूद्वारा कमेटी द्वारा गुरूद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में स्थापित किये जा रहे सिख स्टडीज़ मल्टीमीडिया सैंटर के लिये 10 करोड़ रुपये का चैक सौंपा। यह केंद्र श्री गुरू गोबिंद सिंह जी की फिलॉसफी का प्रसार करने के लिए कार्य करेगा। इससे पूर्व दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान स. मंजीत सिंह जीके और महासचिव श्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने स्वागत किया और दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की उपलब्धियों पर रोशनी डाली।इस अवसर पर दिल्ली की सीनियर अकाली लीडरशिप स. अवतार सिंह हित, स. कुलदीप सिंह भोगल एवं औंकार सिंह थापर, पूर्व सांसद स. त्रिलोचन सिंह, पंजाबी विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. जसपाल संह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एन एस कलसी, मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव श्री के जे एस चीमा और पर्यटन विभाग के निदेश श्री एन पी एस रंधावा शामिल थे।