5 Dariya News

मध्य प्रदेश : 'नोटबंदी बाद जन-धन खातों में औसतन 5 सौ रुपये आए'

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भोपाल 07-Dec-2016

केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी किए जाने से मध्य प्रदेश में किसान और आमजन को आ रही समस्याओं को लेकर बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "नोटबंदी के बाद शुरुआत में कुछ समस्या आई, मगर अब हालात सामान्य हो चले हैं। जहां तक जन-धन खातों में रकम आने का सवाल है तो प्रदेश में इन खातों में 30 नवंबर तक एक हजार करोड़ रुपये आए हैं, जो प्रति खाता औसतन महज पांच सौ रुपये बैठता है।" मुख्यमंत्री चौहान ने कांग्रेस द्वारा किसानों को खाद, बीज न मिलने के आरोपों का नकारते हुए कहा, "बीते वर्ष की तुलना में किसानों ने रबि के मौसम में अब तक ज्यादा बीज, खाद तो उठाया ही है, साथ में ज्यादा क्षेत्र में फसल की बुवाई भी कर ली है। किसान से लेकर आम आदमी तक नोटबंदी के फैसले से खुश हैं, यही कारण है कि हर कोई प्रधानमंत्री के फैसले का साथ दे रहा है।"

चौहान ने कहा, "बीते वर्ष रबि मौसम में 77 लाख हेक्टेयर में बोवनी हुई थी। उसके मुकाबले अभी तक इस वर्ष 95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, इस वर्ष एक लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है।"उन्होंने कहा, "नोटबंदी के बाद कुछ दिनों तक जरूर लोगों को दिक्कतें आईं, मगर अब स्थिति सामान्य होने लगी है। यह देश हित में लिया गया फैसला है, यह साहसिक फैसला सिर्फ युगपुरुष, कर्मठ राजनेता ही ले सकते हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है।"मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोला और कहा, "नोटबंदी को लेकर कांग्रेस में मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक भ्रम है। यह बात आज विधानसभा में भी साबित हो गई। कोई नोटबंदी का समर्थन करता नजर आता है तो कोई विरोध।"

नोटबंदी के बाद बैंकों में आई रकम का ब्योरा देते हुए चौहान ने बताया, "राज्य के बैंकों में 30 नवंबर तक 26 हजार करोड़ रुपये आए, जबकि 13 हजार करोड़ रुपये की निकासी की गई। राज्य की 9700 एटीएम में से 97 फीसदी काम कर रही हैं।" उन्होंने कहा, "जहां तक जन-धन खातों का सवाल है। राज्य में कुल दो करोड़ एक लाख जन-धन खाते हैं, और इन खातों में नोटबंदी से पहले दो हजार करोड़ रुपये थे, जो 30 नवंबर तक बढ़कर तीन हजार करोड़ रुपये हो गए, अर्थात एक हजार करोड़ रुपये आए। प्रति खाता देखा जाए तो औसतन पांच सौ रुपये बैठते हैं।"चौहान द्वारा दिए जा रहे आंकड़ों पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए और वे हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए। उसके बाद चौहान ने कहा, "विपक्ष ने सदन, लोकतंत्र का अपमान किया है। वह इस चर्चा को सार्थक बनाना चाहते थे।"उन्होंने कहा, "मेरे मन में भाव था कि विपक्षी सदस्यों ने जनता के हित की जो बात की है, उसका भी जवाब दूं और कहीं कदम उठाने की जरूरत है तो कदम भी उठाऊं। लेकिन मैंने ऐसा दयनीय विपक्ष देखा ही नहीं, जो चर्चा करके मुद्दे उठाए और भाग जाए।"