9वीं राष्ट्रीय चैंपियनशिप व लाइव स्टाक एक्सपो-2016, मारवाडी व नुकरे वछेरों-वछेरियों के हुए रौचक मुकाबले
भारत की सब से बड़ी पशुधन चैंपियनशिप में कई राज्यों के घोड़ा पालकों ने लिया भाग, राबिया चाल व स्पष्ट दौड के मुकाबले करवाए
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श्री मुक्तसर साहिब 03-Dec-2016
यहां हो रही 9वीं राष्ट्रीय चैंपियनशिप व लाइव स्टाक एक्सपो-2016 में आज मारवाडी व नुकरे वछेरों-वछेरियों के हुए रौचक मुकाबले करवाए। जिसमें राज्यस्थान, हरियाणा, पंजाब व अलग अलग जिलों से घोड़ा पालक इस राष्ट्रीय मुकाबलो में भाग लेने पहुंचे। इसी प्रकार घोड़ों के राबिया चाल व स्पष्ट दौड़ के मुकाबले आकर्षण का केन्द्र रहे।यहां पशु पालक विभाग के सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मारवाडी घोडा राज्यस्थान की एक मूल नशल है जो जंगी घोड़ सवार यौद्धों की पहली पसंद होती थी। उन्होंने बताया कि मारवाडी घोड़े की नशल सब से समझदार नशलों में एक है व जिसकी सब से बड़ी विशेषता इस की शरीरिक बनावट और मजबूती है जिससे यह गर्मी में भी इस घोड़े की रफतार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसके कान 180 डिग्री तक घूम जाते हैं जो कि सुनने की शक्ति दूसरे घोड़ों के मुकाबले कहीं ज्यादा होती है। इस की मौर ती तरह गर्दन दौडते समय किसी भी दिशा में आसानी से घूम सकती है जिसके चलते यह नशल युद्ध में विजयी रहने के काफी सहायक होती है। जिसके चलते यह नशल आज भी घोड़े पालकों की पहली पसंद बनी हुई है।
मारवाडी के पक्के दांत तक वछेरों के मुकाबले में हरियाणा के महिन्द्रगढ़ जिले से पहुंचे सुबे सिंह ने कहा कि घोडियों के पालकों व व्यापार के लिए यह बढिय़ा भविष्य है, क्योकि पशु पालक जानवरों के प्रति अच्छी भावना रखते हैं और यहां घोड़ों के लिए पर्याप्त वातावरण व प्रोष्टिक भोजन की कोई कमीं नहीं है।नुकरा घोडियों की नशल के बारे में जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि यह नुकरा नशल केवल सफैद रंग के कारण लोगों की चहेती नशल है। इस का सफेद रंग घोड़ा पालकों में यह विशेषता आरक्षण पैदा करता है। यह नशल शादियों में और उच्च आर्थिक स्तर को दिखाने के लिए भी रखी जाती है।मारवाडी वछेरी के मुकाबले में संजम सिंह ढिल्लो जिला श्री मुक्तसर साहिब पहले स्थान पर और राज्यस्थान के कृष्ण कुमार उप विजेता रहे। इसी तरह सर्वजीत सिंह लुधियाणा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।राबिया चाल देशी नशल के मुकाबले में जोगिन्द्र सिंह जिला जालंधर ने पहला, सुखदेव सिंह संगरुर ने दूसरा स्थान, प्रदुमण सिंह भिवानी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राबिया चाल मिक्स नशल में बलविन्द्र सिंह मंडी गोबिन्दगढ़ ने पहला स्थान, जोगिन्द्र सिंह जालंधर ने दूसरा स्थान और अर्शदीप सिंह मुक्तसर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।