5 Dariya News

प्रकाश सिंह बादल द्वारा सैनिकों के लिए समर्पित हेल्पलाइन आरंभ करने की घोषणा

पंजाब आरंभ से देश की खडग़भुजा की भूमिका निभाता आया -विजय सांपला

5 Dariya News

अमृतसर 23-Oct-2016

सशस्त्र सेनाओं में शानदार सेवांए निभाने वाले पंजाब के बहादुर सैनिकों के सम्मान में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सेवा निभा रहे सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को दरपेश किसी भी किस्म की मुश्किल का हल प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय में एक समर्पित हेल्प लाइन शीघ्र ही आरंभ करने का एलान किया। आज यहां 130 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की पंजाब राज्य जंगी नायक यादगार एवं स्मारक को समर्पित के पश्चात एक प्रभावशाली जन समूह को संबोधित करते हुये मुख्य मंत्री ने कहा कि सुरक्षा सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्यांए घटाने के लिए ध्यान देना हम सभी का कत्र्तव्य बनता है क्योंकि देश की एकता एवं अखंडता एवं सुरक्षा की रक्षा के लिए शानदार सेवांए निभाने के प्रति हमें सेना का शुक्रगुजार होना चाहिए। सैनिकों को और अधिक मान सम्मान देने की आवश्यकता पर बल देते हुये स. बादल ने राज्यभर के उपायुक्तों एवं जिला पुलिस मुखियों को कहा कि हमारे देश के रक्षक सेनिक जब भी अधिकारियों के कार्यालयों में आयें तो उनके सम्मान में कोई कमी नही आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जिला पुलिस एवं सिविल प्रशासन को इस प्रति अपना फर्ज संजीदगी से निभाना चाहिए क्योंकि सुरक्षा सैनिक एवं पूर्व सैनिक समाज के सबसे सम्मान्नित वर्गो में से एक हैं। 

सदियों से हमारी सुरक्षा सेवाओं की बहादुरी भरी गाथा का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिशाली सेना को हमेशा मज़बूत एवं निर्णायक लीडरशिप की आवश्यकता होती है और विश्व का इतिहास इस बात की गवाही देता है। एलेक्जेंडर द ग्रेट और महाराजा रणजीत सिंह की बेमिसाल बहादुरी एवं योग्य नेतृत्व से उनके राजभाग स्थापित हुये। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों का यह जज्बा अपने महान सिख गुरू साहिबानों से विरासत में मिला है जिसके लिए पंजाब सदा ही देश की खडग़ भुजा रहा है। स. बादल ने नायक कर्म सिंह, मेजर सोमनाथ शर्मा, एयर कमांडर बाबा मेहर सिंह, जोगिंदर सिंह, जरनल हरबख्श सिंह, एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल जे एस अरोड़ा, कैप्टन बाना सिंह जैसे पंजाब के महान सैनिकों के बहादुरी भरे कारनामों को याद किया जिन्होंने अपनी विलक्षण सेवाओं द्वारा देश का सिर गर्व से उंचा किया। पाकिस्तान के कब्जे अधीन कशमीर में आंतकवादियों के ठिकाने तबाह करने के लिए सर्जीकल हमले करने पर श्री मोदी को बधाई देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विलक्षण एवं बहादुरी भरे कदम ने देश वासियों में देश भक्ति की भावना को और मज़बूत किया है। स. बादल ने कहा कि निर्णायक लीडरशिप और मज़बूत सेना ने समूची दुनिया को भारत के प्रधानमंत्री की दूरदर्शी एवं योग्य लीडरशिप का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के बेमिसाल, बहादुरी और निर्णायक कार्रवाई के बराबर ऐसी कार्रवाई विश्वभर में शायद ही मिले। 

नवयुवकों को सेना में भर्ती होने के लिए उत्साहित करने हेतू राज्य के महान सैनिकों एवं योद्धाओं द्वारा की कुर्बानियों के विरसे के प्रसार की आवश्यकता पर बल देेते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उच्च दर्जे की यादगार नवयुवकों को देश की सेवा के लिए प्रेरित करने हेतू प्रकाशपुंज सिद्ध होगी जिससे पंजाबियों के विलक्षण जज्बे एवं देश भक्ति के  महान मूल्यों का प्रगटावा होगा। स. बादल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह यादगार सिखों के 6वें गुरू श्री हरगोबिंद सिंह जी के समय से लेकर कारगिल युद्ध तक के 600 वर्ष के अधिक समय काल दौरान देश की रक्षा के लिए बेमिसाल योगदान डालने वाले पंजाबी सैनिकों एवं अधिकारियों को श्रद्धांजलि के तौर पर स्थापित की गई है। स. बादल ने कहा कि यादगार में स्थापित 45 मीटर लंबी विश्व की सबसे लंबी तलवार आकर्षन का मुख्य केंद्र होगी। पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए उठाये गये अह्म कदमों का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 1965 एवं 1971 की भारत-पाक युद्ध और 1962 के भारत-चीन युद्ध में अपनी जाने न्यौछावर करने वाले बहादुर योद्धाओं की जंगी विधवाओं या कानूनी आश्रितों को 50 लाख रुपये की नकद ग्रांट देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में परमवीर चक्र विजेता के लिए यकमुश्त ग्रांट 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये, महावीर चक्र  के लिए 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये और वीर चक्र के लिए 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का फैसला किया गया है। इसी प्रकार जंगी विधवाओं के लिए सफरभत्ता 150 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

 स. बादल ने कहा कि जंग के दौरान शहीद जान की सूरत में एक्स ग्रेश्यिा की राशि 2 लाख रुपये से बढ़ा कर 5 लाख रुपये की गई। भारतीय रक्षा सेवाओं में पंजाब के नवयुवकों की अधिक से अधिक प्रतिनिधिता यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का जिक्र  करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में पंजाबी नवयुवकों की भर्ती के लिए राज्यभर में सी-पाइट सैंटर खोले गये हैं। उन्होंने आगे कहा कि सशस्त्र सेनाओं में अधिकारियों के तौर पर राज्य के नवयुवकों की संख्या घटने के रूझान को रोकने के लिए मोहाली में महाराजा रणजीत सिंह आर्मड फोर्सिज़ परेपेटरी इंस्टीच्यूट और माई भागो आर्मड फोर्सिज़ परेपेटरी इंस्टीच्यूट स्थापित किये गये हैं जहां लड़के और लड़कि यों को सेना में भर्ती होने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री पंजाब स. सुखबीर सिंह बादल ने 130 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किये जंगी नायक यादगार एवं स्मारक को समर्पित करने को ऐतिहासिक पल करार दिया। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति एवं विरसे को याद रखने वाली कौमें की इतिहास के पन्नों में जीवित रह सकती हैं। 

सर्जिकल हमले के लिए भारतीय सेना को बधाई देते हुये उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की सेना पाकिस्तान की किसी भी कार्रवाई का मुंह तोड़ जवाब देने के  लिए तैयार बर तैयार है । अकाली भाजपा सरकार द्वारा सशस्त्र सेनाओं के लिए किये गये कार्यो का जिक्र करते हुये उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मोहाली में महाराजा रणजीत सिंह आर्मड फोर्सिज़ परेपेटरी इंस्टीच्यूट और माई भागो आर्मड फोर्सिज़ परेपेटरी इंस्टीच्यूट की स्थापना से सेना की सेवा निभाने वाले नवयुवकों को बेहतर अवसर हासिल हुये हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सेवा निवृत सैनिक कार्पोरेशन ने 12 हजार से अधिक पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर दिलाये हैं। मुख्यमंत्री को दूरदर्शी नेता बताते हुये स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि यह यादगार मुख्यमंत्री का स्वपनमयी प्रोजेक्ट है जिन्होंने राज्यभर में यादगारों के निर्माण की तरफ विशेष ध्यान दिया ताकि हमारे नवयुवकों को महान इतिहास, समाज एवं संस्कृति से जोड़ा जा सके। उपमुख्यमंत्री ने जालंधर के समीप करतारपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किये जा रहे जंग-ए-आज़ादी यादगार का भी जिक्र किया। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ पंजाब विरोधी ताकतें जानबूझ कर पंजाब के नवयुवकों को नशेड़ी कहकर बदनाम कर ही है। उन्होंने कांग्रेस के उप प्रधान राहुल गंाधी की मिसाल दी जिन्होंने 70 प्रतिशत पंजाबी नवयुवकों को नशे के आदि कह कर बदनाम किया। तस्वीर को स्पष्ट करते हुये स. बादल ने कहा कि असल में नशों की खेप अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आती है जबकि पंजाब को केवल एक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने खुलासा किया कि अपने संकीर्ण हितों के लिए पंजाब को बदनाम करने वाली ताकतों को यह भलीभांति पता लग जायेगा कि हाल ही में पुलिस एवं सेना की भर्ती के दौरान बहुत कम नवयुवकों में डोप टेस्ट पॉजीटिव पाया गया। देश के प्रति पंजाब के योगदान का जिक्र करते हुये उपमुख्यमंत्रीने कहा कि देश के अन्न भंडार में पंजाब धान का 60 प्रतिशत योगदान डालता है। उन्होंने कहा कि देशभर में पंजाब ने विभिन्न क्षेत्रों में सर्वोत्तम स्थान हासिल किया है जिनमें पंजाब सरपल्स बिजली वाला राज्य बन गया है और औद्योगिक क्षेत्र में सबसे कम दर पर बिजली मुहैया करवा रहा है। इसी प्रकार सड़कों का बुनियादी ढांचा, हौजरी, साईकिल, ट्रैक्टर, मशीन औजार, कृषि औजार, खेलों का सामान, दूध एवं मशरूम में चोटी के स्थान पर है। 

देश के प्रति सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के योगदान को सलाम करते हुये उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए पंजाबी हमेशा ही अग्रणीय रहें हैं और अग्रणीय ही रहेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के राज्य प्रधान श्री विजय सांपला ने आरंभ से ही देश के खडग़ भुजा के तौर पर पंजाब के अह्म रोल को याद किया। सुरक्षा सेनाओं के प्रति विशेष मान-सम्मान रखने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुये श्री सांपला ने कहा कि श्री मोदी ने सेना की एक रैंक - एक पैंशन की लंबे समय की मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे अधीन कशमीर में भारतीय फौज ने सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा आंतकवादियों के ठिकाने तबाह करके समूची दुनिया के सामने अपनी क्षमता का प्रगटावा किया है। श्री सांपला ने यादगारों के निर्माण द्वारा महान इतिहास के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री के इस दूरदर्शी वाले कदम की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 15 शख्शीयतों जिनमें जनरल जेजे सिंह, एयर चीफ मार्शल एस के सरीन, जनरल दीपक कपूर, ऑनरेरी कैप्टन बाना सिंह, द्वितीय विश्व युद्ध के दिग्गज मेजर थॉमस कॉनवे, तालमेल अधिकारी सिख लाइट इन्फैंट्री एसोसिएशन यू के श्री ह्यूग मकाय, श्री रिचर्ड हिल, श्री देविंदर सिंह ढिल्लों, ब्रिगेडियर केएस चांदपुरी के अतिरिक्त फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों, कप्तान करम सिंह, सूबेदार जोगिंदर सिंह, कैप्टन विक्रम बत्रा, लांस नायक शिंगारा सिंह और सूबेदार मलकीत सिंह  को शाल और तलवार के चिन्ह के साथ सम्मानित किया।

इस अवसर पर अन्य के अतिरिक्त कैबिनेट मंंत्री श्री बिक्रम सिंह मजीठिया, श्री जनमेजा सिंह सेखों, डॉ दलजीत सिंह चीमा, श्री गुलजार सिंह रणिके और श्री अनिल जोशी, लोकसभा सांसद जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रहमपुरा, राज्यसभा सांसद श्री श्वेत मलिक, विधायक बीबी जागीर कौर, स. अमरपाल सिंह, स. रविंदर सिंह ब्रहमपुरा, श्री बलजीत सिंह जलालउस्मा, श्री देस राज धुग्गा एवं स. मंजीत सिंह मियांविंड, पूर्व मंत्री सेवा सिंह सेखवां, पूर्व विधायक लखवीर सिंह लोधी नंगल, श्री बख्शी राम अरोड़ा, श्री राज महिंदर सिंह मजीठा, स. हरजाप सिंह, श्री तरूण चुघ, स. गुरप्रताप सिंह टिक्का और पुलिस आयुक्त श्री लोक नाथ आंगरा और उपायुक्त श्री वरुण रूजम उपस्थित थे।