कैप्टन अमरेन्द्र ने पंजाब में भुक्की के लाइसैंस देने से किया इंकार
आनंद कारज एक्ट लाने का किया वायदा, बिजनेसमैनों के खिलाफ टैक्स टैरोरिज्म की निंदा की, सीमावर्ती इलाकों से खाली करवाएं जाने पर किया सवाल
5 Dariya News (अजय पाहवा /धर्मपाल मेनरा)
पायल/रायकोट (लुधियाना) 01-Oct-2016
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने पंजाब में भुक्की की दुकानें खोलने हेतु लाइसैंस देने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हर तरह के नशे करने का पुरजोर विरोध करती है, चाहे वे कुदरती हों या फिर ङ्क्षसथैटिक। उन्होंने सरकार द्वारा उचित प्रबंध किए बगैर सीमावर्ती इलाकों के निवासियों पर उनके गांव छोडऩे के लिए दबाव बनाए जाने से असहमति जाहिर की।इस अवसर पर पायल व रायकोट विधानसभा क्षेत्रों के निवासियों के साथ दो अलग-अलग हलके विच कैप्टन कार्यक्रमों के दौरान चर्चा करते हुए कैप्टन अमरेन्द्र ने लोगों से उन्हें एक मौका देने की अपील की, ताकि प्रत्येक पंजाबी के चेहरे पर खुशी वापिस लाई जा सके।
सीमा से खाली करवाने पर किए सवाल
इस दौरान सीमा पर तनाव घटने की उम्मीद करते हुए कैप्टन अमरेन्द्र ने सरकार द्वारा बिना उचित वैकल्पिक प्रबंध् किए सीमावर्ती गांवों के निवासियों से खाली करवाए जाने के साथ असहमति प्रकट की। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों से गांव वालों को बेकारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सलाह दी कि सरकार को गांव वालों से उनके गांव खाली करवाने से पहले हालातों पर नजर रखते हुए इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने हटाए लोगों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।पूर्व मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती किसानों को कंटीली तार के साथ लगते उकने खेतों में जाने से रोक जाने के कदम का विरेध किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों से उनको बहुत सारी शिकायतें मिल रही हैं कि उन्हें कंटीली तार के साथ लगती उनकी जमीन पर जाने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सवाल किया कि यदि इस दौरान व्यापार जारी रह सकता है, तो फिर किसानों को उनकी फसलें संभालने से क्यों रोका जा रहा है?
भुक्की की दुकानों को की ना
इस दौरान राज्य में नशों के जहर बारे सवाल और सरकार द्वारा भुक्की की दुकानों को लाइसैंस देना शुरू करने की सलाह के जवाब में प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने इस विचार को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हर तरह का नशा खतरनाक है।उन्होंने कहा कि वह समझ सकते हैं कि सिंथैटिक नशों के मुकाबले भुक्की कम नुक्सान करती है, लेकिन हमें पूरी तरह नशा मुक्त पंजाब की ओर बढऩा चाहिए। वह जानते हैं कि कौन लोग नशों की पैदावार व उनकी सप्लाई करने हेतु जिम्मेदार हैं और वह वक्त दूर नहीं है, जब वे सारे जेलों में होंगे।उन्होंने बादलों व मजीठिया पर राज्य की बुरी हालत, खासकर नशों की समस्या का आरोप लगाया। इस दौरान रायकोट में 20,000 से ज्यादा लोगों के उत्साहित एकत्र में उन्होंने दोहराया कि वह सुनिश्चित करेंगे कि इन सभी को न्याय का सामना करना पड़े। उन्होंने पहले भी इन्हें ठीक किया था और अब भी इनहें एक बार फिर से ठीक कर देंगे।
आनंद कारज कानून का किया समर्थन
कैप्टन अमरेन्द्र ने इस सलाह के साथ हामी भरी कि हरियाणा की तरह पंजाब को आनंद कारज कानून लाना चाहिए। उन्होंने हैरानी जाहिर की कि क्यों मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खुद के पंथक हितों का रक्षक होने संबंधी दावा करने के बावजूद वह पंजाब में कानून लाने में नाकाम रहे, जबकि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को बगैर किसी शर्त समर्थन देने का ऐलान किया था।
टैक्स टैरोरिज्म की निंदा की
दोनों कार्यक्रमों के दौरान व्यापारियों व बिजनेसमैनों को आयकर अधिकारियों द्वारा परेशान करने संबंधी बहुत सारी शिकायतों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए प्रदेश कंग्रेस प्रधान ने कहा कि भारत सरकार बिजनेस पर जुल्म करने में लगी हुई है। उन्होंने व्यापारियों पर टैक्स टैरर के लिए आयकर अधिकारियों से ज्यादा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वित्त मंत्री अरुण जेली को दोषी करार दिया। उन्होंने कहा कि जहां मोदी विदेशों से काला धन वापिस लाने संबंधी अपना वायदा पूरा करने में नाकाम रहे हैं, उनकी सरकार ने व्यापारियों व बिजनेसमैनों से उगाही शुरू कर दी है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
छोटे शहरों में औद्योगिक केन्द्र
उन्होंने इस सलाह के साथ हामी भरी कि छोटे शहरों जैसे रायकोट में औद्योगिक केन्द्र विकसित किए जाने चाहिएं। कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब में पूरी तरह से दोबारा औद्योगीकरण करना है। उन्होंने कहा कि यह आॢथक सुधार व नौकरियां पैदा करने के लिए बहुत जरूरी है। उनकी सरकार उद्योगों के लिए जमीन मुहैया करवाते हुए लैंड पूल बनाएगी। तब ही उद्योग पंजाब आएंगे, नहीं तो वे छत्तीसगढ़ व झारखंड जैसे स्थानों की ओर रुख करेंगे, जहां जमीन सस्ते रेटों पर उपलब्ध है। इस अवसर पर प्रमुख तौर पर वरिष्ठ नेता तेज प्रकाश, अमरीक सिंह ढिल्लों, गुरकीरत सिंह कोटली, गुरचरण सिंह बोपराय, मलकियत सिंह दाखा, लखङ्क्षवदर लक्खा, डा. अमर सिंह भी मौजूद रहे।