स्वर्ण जयंती समारोह के लिए बुलाई गई बैठक में इनेलो नेताओं ने दिए अनेक अहम सुझाव
आयोजन के प्रति गम्भीर नहीं सरकार, बैठक में सरकार का कोई विजन नजर नहीं आया: अशोक अरोड़ा
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चंडीगढ़ 27-Sep-2016
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने प्रदेश के स्वर्ण जयंती समारोह समीति की पहली बैठक में हरियाणा को नई पहचान देने वाले किसानों व जवानों सहित समाज के सभी वर्गों को विशेष प्रोत्साहन देने, हरियाणा के अलग राज्य के रूप में गठन के लिए लड़ाई लडक़र इसे अलग राज्य का दर्जा दिलवाने वाले प्रमुख नेताओं को सम्मान देने और प्रदेश की संस्कृति एवं सभ्यता को बढ़ावा देने वाले लोगों को भी सम्मान दिए जाने की मांग की है। आज राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की स्वर्ण जयंती मनाए जाने के लिए गठित कमेटी की बैठक में इनेलो की ओर से प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के अलावा विधायक दल के उपनेता व पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह संधू, विधायक परमेंद्र ढुल व राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप और अकाली दल की ओर से विधायक बलकौर सिंह ने हिस्सा लिया और सरकार को स्वर्ण जयंती समारोह आयोजन के लिए अनेक अह्म सुझाव देने के साथ-साथ यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस आयोजन को लेकर गम्भीर नहीं है और बैठक के माध्यम से केवलमात्र खानापूर्ति की जा रही है।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए इतनी महत्वपूर्ण बैठक के लिए सूचना मात्र एक दिन पहले दिए जाना सरकार की न सिर्फ असंवेदनशीलता को दर्शाता है बल्कि केंद्र सरकार में भाजपा के सात मंत्री जो इस कमेटी के सदस्य हैं और भाजपा के अनेक सांसदों व विधायकों का इस मीटिंग में न आना यह दर्शाता है कि सरकार और भाजपा इस मामले में कितनी गम्भीर है? श्री अरोड़ा ने कहा कि बैठक के लिए सभी सदस्यों को कम से कम एक हफ्ता पहले सूचना दी जानी चाहिए ताकि वे ठोस सुझावों व पूरी तैयारी के साथ बैठक में आ सके। इनेलो नेता ने कहा कि प्रमुख नेताओं के अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम लगे होते हैं, अगर मात्र एक दिन पहले सूचना मिलेगी तो उनका बैठक में आना सम्भव नहीं हो पाता। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने बैठक के बाद वहां मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि संयुक्त पंजाब में मौजूदा हरियाणा क्षेत्र की नौकरियों, विकास व रोजगार और बिजली पानी जैसे मामलों में निरंतर अनदेखी होती थी। इस अनदेखी के खिलाफ चौधरी देवीलाल जैसे अनेक नेताओं जिनमें पंडित भगवतदयाल शर्मा, प्रो. शेर सिंह, राव विरेंद्र सिंह, चौधरी सुल्तान सिंह, बलवंत राय तायल, चंद्रभान गुप्ता, चौधरी रिजक राम, चौधरी पीर चंद व चौधरी दल सिंह इत्यादि अनेक नेताओं ने न सिर्फ आवाज बुलंद की बल्कि अलग प्रदेश के लिए संघर्ष में योगदान दिया और उन्हीं की लड़ाई के बलबूते हरियाणा अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। श्री अरोड़ा ने कहा कि जैसे सेना में शहीद होने वाले सैनिकों को उनके योगदान के लिए मरणोपरांत भी अशोक चक्र, परमवीर चक्र, महावीर चक्र व शौर्य चक्र इत्यादि देकर सम्मानित किया जाता है उसी तरह हरियाणा को अलग राज्य बनवाने वाले नेताओं जो आज जीवित हैं, उनके साथ-साथ जो अब इस दुनिया में नहीं रहे उन्हें भी सम्मानित किया जाना चाहिए।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा अलग राज्य बनने के बाद पिछले 50 सालों में प्रदेश ने भारी तरक्की की है और इसमें सबसे बड़ा योगदान प्रदेश के किसान, मजदूर व जवान का रहा है। आज जहां हरियाणा खेती में पहले स्थान पर है और देश का अन्न भण्डार भरने में अहम योगदान दे रहा है वहीं हरियाणा को यह भी गौरव हासिल है कि देश की सेना का हर दसवां जवान हरियाणा से है और देश की सीमाओं के लिए अपनी जानें कुर्बान करने में कहीं पीछे नहीं है। इसलिए इस गोल्डन जुबली वर्ष में प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किसानों व जवानों को प्रोत्साहन देकर सम्मानित करना चाहिए और किसानों को विशेष बोनस इत्यादि दिया जाना चाहिए। इनेलो नेताओं ने कहा कि प्रदेश की संस्कृति, सभ्यता और कला को बढ़ावा देने वाले हरियाणवी कलाकार महावीर गुड्डू, जगबीर राठी, पे्रम देहाती जैसे अनेक कलाकार हैं, जिन्हें सम्मान दिया जाना चाहिए, तभी गोल्डन जुबली समारोह मनाने का फायदा है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो नताओं ने कहा कि बैठक में सरकार का गोल्डन जुबली वर्ष मनाने को लेकर कहीं कोई ठोस विजन नजर नहीं आया और सरकार को कुछ ऐसे बड़े, ठोस व महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए ताकि आने वाले लम्बे समय तक लोगों के मन पर गोल्डन जुबली वर्ष की छाप रह सके।