शिक्षा मंत्री ने 369 अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे
शिक्षा विभाग ने पिछले 9 वर्षो में 70 हजार अध्यापक भर्ती किये, 14000 भर्ती प्रक्रिया अधीन- डा. दलजीत सिंह चीमा
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एसएएस नगर, मोहाली 27-Sep-2016
शिक्षा मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा ने आज नये भर्ती किये मास्टर काडर के विभिंन विषयों के 369 अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे इसके साथ ही सभी नवनियुक्त अध्यापकों को मोैके पर ही खाली स्टेशनों की सूची दिखाकर मेरिट अनुसार बारी बारी बुलाकर मनपंसद के स्टेशन भी अलाट किये।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के आडीटोरियम में हुये समागम दौरान नवनियुक्त 369 अध्यापकों को बुलाया गया जिनमें 130 डीपीईज , 109 पीटीआईज, 67 होम साईस, 45 कृषि और 19 संगीत अध्यापक शामिल है। इन अध्यापकों को मेरिट अनुसार बुलाकर खाली स्टेशनों की सूची दिखाई गई इसके पश्चात शिक्षा मंत्री डा. चीमा ने समूह अध्यापकों को नियुक्ति पत्र के साथ स्टेशन अलाटमैंट पत्र भी सौंपे गये। इस अवसर पर संबोधन करते हुये डा. चीमा ने समूह अध्यापकों का विभाग में आने पर स्वागत करते हुये उनके अच्छे भविष्य की कामना की। उन्होने कहा कि आज जिन विषयों के अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिये जा रहे है उनको स्कूल में अनुशासन कायम रखने में सबसे अधिक योगदान होता है। उन्होन कहा कि डीपीईज और पीटीआईज से वह यह आशा करते है कि शिक्षा के साथ साथ खेलों में भी विद्यार्थियों को आगे लेकर जाएगें।
डा. चीमा ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा पिछले 9 वर्षो में लगभग 70000 अध्यापकों की भर्ती की है। जोकि अपने आप में एक रिकार्ड है। उन्होने कहा कि 14 हजार अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया अधीन है। इनमें 6040 मास्टर काडर के अध्यापकों और 2005 ईटीटी अध्यापक शामिल है उन्होने कहा कि प्राईमरी स्तर तक तो 31 मार्च 2017 तक किसी भी स्कूल में कोई भी पद खाली नही रहेगा। इससे पहले डीपीआई सैकेंडरी शिक्षा श्री बलबीर सिंह ढोल ने संबोधन करते हुये कहा कि शिक्षा मंत्री डा. चीमा के यत्नों के कारण बेहतर शिक्षा की प्राप्ति के लिए अहम कदम उठाये गये है। मैरीटोरियस स्कूलों की शुरूवात ओैर स्कूलों को अपग्रेड करने के अतिरिक्त अध्यापकों की उच्च स्तर पर भर्ती और पदोन्नतियां की गई है। जिससे विभाग में अकादमिक माहौल बनाया गया है। इस अवसर पर डायरैक्टर प्रशासन श्रीमती गुरप्रीत कौर धालीवाल, एससीईआरटी के डायरैक्टर श्री सुखदेव सिंह काहलों, डिप्टी डायरैक्टर श्री ललित कुमार घई, डा. गिन्नी दुग्गल ,श्री धर्म सिंह और श्री हरप्रीत इंद्र सिंह खालसा भी उपस्थित थे।