5 Dariya News

कृषि संकट में बादल की भूमिका खलनायक जैसी: भगवंत मान

‘आप’ के किसान मेनीफेस्टो में है खेतिहरों के सभी संकटों का समाधान: कंवर संधू

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बठिंडा 23-Sep-2016

आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब भर के किसानों और खेत मजदूरों को अपील की है कि वह आत्म-हत्या का रास्ता न चुनें और मौजूदा कठिन परिस्थितियों का 6 महीने साहस एवं संयम के साथ सामना करें, उसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार उनकी सारी समस्याओं को दूर करने के लिये दिन-रात एक कर देगी।शुक्रवार को ‘आप’ द्वारा जारी संयुक्त प्रेस बयान में पार्टी की चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन व सांसद भगवंत मान और चुनावी घोषणा पत्र कमेटी के मुखी कंवर संधू ने बठिंडा जिले के जीदा गांव के मजदूर जगसीर सिंह द्वारा की गई आत्म-हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा कि पिछले लंबे समय से एक भी ऐसा दिन नहीं जा रहा जब अखबारों में किसी किसान या मजदूर की आत्म-हत्या की खबर न छपी हो। पंजाब जैसे कृषि प्रधान प्रदेश के लिये इससे बड़ी त्रास्दी क्या हो सकती है, जिसका अन्नदाता पूरे देश का पेट भरता है लेकिन खुद आत्म-हत्या करने के लिये मजबूर है।

भगवंत मान ने पंजाब के किसान और कृषि संकट के लिये अकाली-भाजपा और कांग्रेस को बराबर के जिम्मेदार बताते हुये कहा कि पिछले एक दशक के कांग्रेस और भाजपा ने फसल का लाभदायक मूल्य देने के नाम पर बार-बार धोखा किया और वोट की राजनीति की, लेकिन किसानों की आर्थिक दशा सुधारने वाली डा. स्वामीनाथन की सिफारिशों को लागू नहीं किया। किसानों के साथ हुये इस राजनीतिक धोखे में प्रकाश सिंह बादल की भूमिका मौकाप्रस्त खलनायक जैसी रही है, जो विपक्ष में रहते हुये डा. स्वामीनाथन की सिफारिशों को लागू करने की मांग रोज उठाते थे, लेकिन जैसे ही केंद्र में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई, अपनी बहु हरसिमरत कौर बादल को केंद्रीय मंत्री बनवाया और डा. स्वामीनाथन समेत किसानों से संबंधित सभी मांगों पर मौन हो गये।

कंवर संधू ने कहा कि पंजाब के किसानों और खेत मजदूरों को भरोसा दिया कि आम आदमी पार्टी के ‘किसान मेनीफेस्टो’ में किसानों और खेत मजदूरों को दरपेश सभी संकटों का समाधान है, क्योंकि इसे खेतिहरों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं और सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। कंवर संधू ने कहा कि किसान मेनिफेस्टो में अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सभी छोटे एवं गरीब किसानों और खेत मजदूरों के बैंक कर्जे माफ करने का इकरार किया है। इनके अलावा हरेक किसान के कर्ज पर ब्याज माफ किया जायेगा। लक्ष्य तय किया गया है कि दिसंबर 2018 तक पंजाब के हर किसान को कर्ज से मुक्ति कर दिया जायेगा और तब तक किसी भी किसान से जबरन ऋण वसूली या जमीन-जायदाद की कुर्की नहीं होने दी जायेगी।