मुख्यमंत्री ने अध्यापकों को अपनी जिम्मेवारी सपर्ण, ईमानदारी व वचनबद्धता के साथ निभाने के लिए कहा
नवनियुक्त्त 4500 अध्यापकों को नियुक्त्ति पत्र सौंपे, नवयुवक अध्यापकों को तबादलों के लिए अधिकारियों पर दबाव ना डालने के लिए कहा
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एस स एस नगर(मोहाली) 08-Sep-2016
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अध्यापकों को अपनी जि मेवारी राष्ट्र के निर्माण के रूप में सपर्ण, ईमानदारी तथा बचनबद्धता के साथ निभाने के लिए कहा है ताकि आने वाली पीढिय़ों का भागय का निर्माण किया जा सके।आज यहां मंडी भवन में नवनियुक्त 4500 अध्यापकों को स बोधन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन आपके व राज्य सरकार दोनों के लिए यह बहुत प्रसन्नता व संतोष वाला है क्योंकि राज्य सरकार ने निरपक्ष चुनाव करने के लिए लंबी प्रक्रिया की है जिसके बाद यह नियुक्ति पत्र तु हें दिए जा रहे हैं। स.बादल ने कहा कि यह समूची भर्ती मैरिट के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि निरपक्ष, पारदर्शी तथा बिना किसी पक्षपात से चयन प्रक्रिया यकीनी बनानी बहुत आवश्यक है। अध्यापकों की भर्ती में तो यह बहुत ही जरूरी है क्योंकि इन्होंने ही विद्यार्थिये के भविष्य को मज़बूत बुनियाद मुहैया करवानी होती है। उन्होंने कहा कि 14,000 अन्य अध्यापक शीघ्र ही भर्ती किए जाएंगे जिनकी चयन प्रक्रिया पहले ही चल रही है।इस प्रसन्नता भरपूर अवसर पर मु यमंत्री ने स़त मेहनत से सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले नवनियुक्त्त उ मीदवारों व उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने नवनियुक्त अध्यापकों को अपनी मनपसंद स्थानों पर नियुक्त्तियां करवाने के लिए दबाव ना बनाने के लिए कहा। उन्होंने अध्यापकों को कहा कि वह बढ़ती उम्र में हैं और देहाती क्षेत्रों में जाकर सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तबादलों और तैनातियों पर बहुत सारी ऊर्जा खर्च होती है और जिन मामलों में पारिवारिक स्थितियों के मद्देनज़र तबादला जरूरी है उनपर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनके स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे कुंजीवत विभागों में रिक्त पदों पर आवश्यक भर्ती करने के लिए खुली छूट दी है क्योंकि इन विभागों में स्टाफ की कमी के साथ कामकाज पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और आम लोगों के जीवन पर भी। स.बादल ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में होशियार तथा गरीब बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए राज्यभर में 10 मैरीटोरियस स्कूल खोले गए हैं ताकि यह बच्चे कॉन्वेंट व निजी स्कूलों के बच्चों का मुकाबला कर सके। राज्य सरकार ने मैरीटोरियस स्कूलों में पास होने वाले विद्यार्थियों को तकनीकी, मेडिकल आदि क्षेत्रों में पेश़ेवर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए नि:शुल्क शिक्षा सुविधा मुहैया करवाने के लिए 10 करोड़ रूपए की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नवयुवकों को अधिकारियों के रूप हथियारबंद सेनाओं में भर्ती करवाने में मदद मुहैया करवाने के लिए लड़के व लड़कियों के लिए क्रमश: महाराजा रणजीत सिंह ऑमर्ड फोर्सिस प्रैपरेटरी इंस्टीच्यूट और माई भागो ऑमर्ड फोर्सिस प्रैपरेटरी इन्स्टीच्यूट स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सी-पाईट के द्वारा लगभग 70 हज़ार नवयुवकों को पुलिस, नीम फौजी बलों और फौज में भर्ती हुए हैं। उन्होंने कहा कि नवयुवकों बढिय़ा रोज़गार प्राप्त कर सके।इस मौके शिक्षा मंत्री डा.दलजीत सिंह चीमा ने स्कूल शिक्षा विभाग में लीक से हटकर पहलकदमियां करने के लिए मु यमंत्री की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विभाग में समय पर भर्ती होने के साथ शिक्षा प्रणाली में बदलाव आएगा और विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा मिलेगी।