सुच्चा सिंह छोटेपुर द्वारा अरविंद केजरीवाल पर लगाये आरोपों संबंधी ‘आप’ का पलटवार
बतौर सिख पूरे 39 दिन चुप क्यों रहे सुच्चा सिंह छोटेपुर, हिम्मत सिंह शेरगिल ने किया सवाल
5 Dariya News
चंडीगढ़ 28-Aug-2016
आम आदमी पार्टी (आप) के लीगल सैल के प्रधान हिम्मत सिंह शेरगिल ने सुच्चा सिंह छोटेपुर द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर और दिल्ली के मुम्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोपों को पूरी तरह रद्द करते हुये कहा कि छोटेपुर सरासर झूठ बोल रहे हैं। साथ ही पलटवार करते हुये छोटेपुर से पूछा कि यदि उनके आरोप सही है तो एक सच्चा सिख होने के नाते वह 39 दिनों तक चुप क्यों बैठे रहे ?रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधन करते हुये हिम्मत सिंह शेरगिल ने कहा गत 26 अगस्त को मीडिया के सामने सुच्चा सिंह छोटेपुर ने अरविंद केजरीवाल पर यह आरोप उस समय लगाए हैं जब सुच्चा सिंह छोटेपुर ने बतौर कनवीनर रिश्वत के रूप में दो लाख रुपये के आरोप में घिरे हुये हैं और उन्होंने पार्टी और मीडिया के सामने यह दो लाख रुपये लेने की बात कबूल कर ली है, क्योंकि पैसे लेते हुये एक सिटिंग सबूत के रूप में सामने आ गया था। इस लिये छोटेपुर द्वारा अरविंद केजरीवाल पर लगाया आरोप झूठा है। शेरगिल ने कहा कि 26 अगस्त को छोटेपुर ने अपने आरोप में अमृतसर के जिस बात का जिक्र किया है वह 18 अगस्त की है। अब सवाल यह उठता है कि यदि अरविंद केजरीवाल ने छोटेपुर को इतनी बड़ी बात बोल दी थी तो एक सिख होने के नाते उन्होंने उसी समय अरविंद केजरीवाल के सामने रोष जताते हुये उनकी गाड़ी से नीचे क्यों नहीं उतरे? प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? प्रेस कांफ्रेंस क्यों नहीं की? 39 दिनों बाद ही उन्हें वह बात क्यों याद आई, जिसके बारे में छोटेपुर कह रहे हैं कि वह कांप गये थे।
हिम्मत सिंह शेरगिल ने कहा कि आम आदमी पार्टी में दान के रूप में फंड लेने के लिये सरल और स्पष्ट नीति है और पार्टी फंड के रूप में लिये गये पैसे-पैसे का हिसाब रखा जाता है। छोटेपुर यह भी झूठ बोल रहे हैं कि पार्टी का कोई खाता-खजानची नहीं है। पूरे पंजाब में पार्टी के सभी 13 जोन और एक मुख्य राज्य स्तरीय स्तर का बैंक खाता है। छोटेपुर ने दिल्ली के उपमु यमंत्री मुनीष सिसोदिया और मीडिया के सामने कबूल किया है कि उन्होंने उक्त दो लाख रुपये की कोई रसीद नहीं दी। उनके कबूलनामे के आधार पर ही पार्टी की पीएसी ने छोटेपुर को कनवीनर पद से हटाकर पूरा मामला दो सदस्सीय कमेटी को सौंप दिया गया है।शेरगिल ने यह भी स्पष्ट किया पार्टी की रैलियां और जन-सभाएं बतौर कनवीनर छोटेपुर या किसी नेता द्वारा दिये गये फंड से नहीं होती, उसका प्रबंध पार्टी अथवा स्थानीय स्तर के आयोजकों द्वारा जुटाये गये फंड से होता है, जिसका पूरा हिसाब रखा होता है।एक सवाल के जबाव में शेरगिल ने कहा कि आम आदमी पार्टी परंपरागत राजनीतिक दलों जैसी सियासी पार्टी नहीं है। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हुये अंदोलन से निकली हुई पार्टी है। यहां सिद्धांत किसी भी व्यक्ति से उपर रहते हैं, भले ही वह छोटेपुर हो, हि मत शेरगिल हो, भगवंत मान क्यों न हो? इस लिये छोटेपुर प्रकरण से पार्टी को कोई नुकसान नहीं हो रहा।एक जबाव में हिम्मत सिंह शेरगिल ने कहा कि भगवंत मान पर भी छोटेपुर निराधार आरोप लगा रहे हैं। जब तक भगवंत मान के खून की जांच के आधार पर आरोप साबित नहीं होते तब तक उस पर शराब की लत के आरोप लगाने उचित नहीं है, जबकि भगवंत मान ने सुखबीर बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत सभी विरोधी नेताओं को चुनौती दी हुई है कि सभी का डोप टेस्ट होना चाहिये और सबसे पहले खून वह खुद देंगे।