सर्व उच्च अदालत में केंद्र सरकार का पानियों के मुद्दे पर पंजाब विरोधी चेहरा हुआ बेनकाब - आप
हरसिमरत बादल मोदी सरकार से इस्तीफा दे समूह पंजाबियों से मांगे माफी -हिम्मत सिंह शेरगिल
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अमृतसर/चंडीगड़ 13-May-2016
पानियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब विरोधी स्टैंड लेने पर आज आम आदमी पार्टी ने पंजाब की अकाली-भाजपा गठजोड पर हल्ला बोला। आप ने इसको पंजाब के लोगों के साथ बादल और मोदी की तरफ से किया गया धोखा करार दिया। आप के सीनियर नेता और लीगल सेल के प्रमुख हिम्मत सिंह शेरगिल ने पत्रकारों को संबोधन करते कहा की केंद्र सरकार इस पंजाब विरोधी कदम से न सिर्फ मोदी सरकार का पंजाब विरोधी चेहरा सामने आया है, बल्कि पंजाब के मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल और शरोमणि अकाली दल जो कि केंद्र सरकार में गठजोड का हिस्सा है का भी पंजाब के लोगों के हितों के साथ किए खीलवाड़ का स्पष्ट रूप है। बादल की बहू जो कि केंद्र में मंत्री है भी इस मंद भागे फैसले पर पूर्ण तौर पर जिम्मेवार है।आप के बुलारे कुलतार सिंह के साथ मीडिया के समक्ष अखबारों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए शेरगिल ने कहा कि इन खबरों से साफ जाहिर होता है कि किस प्रकार केंद्र की मोदी सरकार ने पंजाब के वासियों के हितों के खिलाफ जाते हुए सर्व उच्च अदालत में पंजाब के विरुद्ध ब्यान दिया।
शेरगिल ने कहा कि सालीस्टिर जनरल रणजीत कुमार जो कि सर्व उच्च अदालत में केंद्र सरकार का पक्षिया रख रहे हैं ने स्पष्ट तौर पर पंजाब के पानियों का हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान के हकों की भी बात की है। उन्होंने ने सुप्रीम कोर्ट में यह कहा कि की जबकि राजस्थान भी इंडस रिवर वाटर बेसिन का हिस्सा है इस लिए राजस्थान का भी पंजाब के पानियों पर पूरा अधिकार है। सालीसिटर जनरल ने सीधे तौर पर पंजाब टर्मिनेशन आफ वाटरस एग्रीमेंट एक्ट का भी विरोध किया और सतलुज यमुना लिंक के निर्माण के हक में ब्यान दिया। शेरगिल ने कहा कि ऐसे स्टैंड के बाद बादल और उसकी पार्टी को केंद्र सरकार में हिस्सेदारी छोड़ कर लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुए समूह पंजाबियों से माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उनको तुरंत अपनी बहू हरसिमरत बादल को केंद्रीय मंत्रालय से इस्तीफा दिलाना चाहिए। शेरगिल ने कहा की केंद्र सरकार के इस फैसले से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि बादल अपने निजी लाभ के लिए बीजेपी के हाथों में खेल रहे हैं। बादल की किसानों प्रति हमदर्दी और पंजाब के पानियों प्रति गंभीरता सिर्फ लोग प्रदर्शन और झूठ का एक पुलंदा ही है और हरसिमरत को इस्तीफे के लिए न कहना पंजाबियों के साथ सरासर धोखा है। शेरगिल ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है जिस में केंद्र सरकार ने पानियों के मामलो में पंजाब के हितों के खिलाफ स्टैंड लिया हो। इस से पहले भी केंद्र सरकार ने सर्व उच्च अदालत में अर्जी दे कर एसवाईएल नहर को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कह थी।
कुलतार सिंह ने कहा कि एक तरफ तो बड़ा बादल कह रहा है कि पंजाब के पानियों का एक बूंद भी किसी अन्य राज्य को नहीं दिया जाएगा, दूसरी तरफ बादल की बहू मोदी सरकार के इस पंजाब विरोधी फैसले के साथ खड़ी है। कुलतार सिंह ने कहा कि हरसिमरत बादल को केंद्र सरकार द्वारा सर्व उच्च अदालत में एसवाईएल के निर्माण सम्बन्धित दिए गए हलफनामे खिलाफ आवाज उठानी चाहिए थी, परंतु उसने अपने निजी लाभ के लिए ऐसा नहीं किया। कुलतार ने कहा कि आम आदमी पार्टी का यह मानना है कि सालीस्टिर जनरल रणजीत कुमार ने सिर्फ मंत्री मंडल द्वारा मंजूर किया फैसला ही सर्व उच्च अदालत में रखा है, जिस मंत्री मंडल में हरसिमरत बादल भी एक मंत्री हैं। इस से यह बात स्पष्ट होती है कि हरसिमरत बादल जो कि अकाली दल की ओर से केंद्र सरकार में मंत्री है ने इस फैसले पर अपनी मोहर लगाई है। इस लिए इससे सिद्ध होता है कि बादल और शिरोमणी अकाली दल भी एसवाईएल नहर का जल्द निर्माण करवाने के हक में हैं।