अंतरराज्यीय कौंसिल बैठक के परिणामों पर सुखबीर सिंह बादल ने जताई प्रसन्नता
देश प्रभावशाली संघीय ढांचे की तरफ बढ़ रहा है- सुखबीर सिंह बादल
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नई दिल्ली 17-Jul-2016
पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुये कहा है श्री मोदी को मुख्यमंत्री के पद पर रहने का लंबा अनुभव है और इस अनुभव की बदौलत श्री मोदी के प्रभावशाली संघीय ढांचे के पक्ष में सियासी हवा का रूख मोडऩे का प्रयास किया है और साथ ही साथ संविधान पक्षीय वातावरण सृजन का प्रयास किया है। स. बादल ने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री की पहलकदमी के लिए सभी सियासी पार्टियों को 'राष्ट्रीय सहमतिÓ बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश प्रभावशाली संघीय ढांचे की तरफ बढ़ रहा है और हमें राजनीतिक मतभेदों से उपर उठकर इस ऐतिहासिक अवसर का भरपूर फायदा उठाना चाहिए।गत् कल यहां हुई अंतरराज्यीय परिषद् बैठक के परिणामों पर खुशी का इज़हार व्यक्त करते हुये स. बादल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अब वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया है और सभी राज्यों एवं राजनीतिक पार्टियों को आपसी मतभेद भुलाकर इस सियासी और सैंविधानिक अवसर का फायदा उठाना चाहिए जोकि केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा हमारे सामने प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व कांग्रेस की केंद्र सरकार ने संविधान का गला दबाकर और राज्यों के अधिकारों का हनन कर राज्यों को भिखारी बनाकर छोड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वित्तीय स्तर पर राज्यों के सशक्तिकरण तथा विकास के मुद्दे पर कभी भी उत्साहित नही किया जबकि अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को प्रभावशाली ढंग से उठाया है। उन्होंने श्री मोदी का धन्यवाद करते हुये कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर की सेवा के अनुभव करके श्री मोदी ने ऐसे परिणाम दिये हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गत् कल हुई अंतरराज्यीय परिषद् बैठक देश के चौ मुखी विकास के लिए मज़बूत नींव रखने के लिए याद की जायेगी। उन्होंने कहा कि हालांकि भारतीय संविधान निर्माताओं ने संघवाद का पक्ष पूरा किया था परंतु कांग्रेस की सरकारों ने आरंभ से लेकर अबतक इस भावना को कुचलकर रखा और राज्यों के अधिकार मारकर रखे।
उन्होंने कहा कि अब यह रूझान बदल रहा है और देश को पहली बार ऐसा शक्तिशाली प्रधानमंत्री मिला है जो लगातार चार बार मुख्यमंत्री भी रहें हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी को राज्यों की समस्याओं संबंधी तो जानकारी है ही, इसके साथ-साथ वह इन समस्याओं के सार्थक हल संबंधी भी अवगत् हैं। स. बादल ने कहा कि मैंने कल भी कहा था कि राज्यों पक्षीय वातावरण बनना आरंभ हो गया है और उन्होंने आज फिर श्री मोदी और वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली का धन्यवाद किया जिन्होंने केंद्रीय फंडों में से राज्यों के फंडों की दर 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दी है। उन्होंने कहा कि इस दर को 50 प्रतिशत कर देना चाहिए ताकि राज्यों में और अधिक खुशहाली लाई जा सके।
स. बादल ने इस बात के लिए भी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया कि केंद्र ने राज्यों को पूछा कि उस राज्य के चौ-मुखी विकास के लिए कौन सा विकास मॉडल सबसे उचित है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य अपनी पहल के हिसाब से पैसा खर्च करके अपने राज्यों को अधिक खुशहाल एवं विकासमयी बना सकेंगे। राज्यों के अधिकारों को कैसे मारा जा रहा है, इस संबंधी बात करते हुये स. बादल ने आगे कहा कि केंद्र, राज्य और समवर्ती सूची को बने 60 वर्ष हो चले हैं और यह वैसे ही चल रही हैं जैसे कि 60 वर्ष पूर्व थी जबकि आज प्रत्येक राज्य की जरूरतों में परिवर्तन आ चुका है। उन्होंने कहा कि इन सूचियों में वर्तमान समय की आवश्यकताओं अनुसार परिवर्तन लाया जाना बहुत आवश्यक है और मौजूदा प्रधानमंत्री निर्णायक फैसले लेने के लिए देशभर में जाने जाते हैं ओर यह समय पूरा उचित एवं अनुकूल है जब इन सूचियों पर पुनर्विचार किया जाये। जीएसटी मसले संबंधी स. बादल ने कहा कि कांग्रेस इस बिल को पास नही होने देना चाहती जबकि देश के विकास के लिए यह बिल बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे एक बात जो स्पष्ट है कि एन डी ए और भाजपा के लिए देश पहले है जबकि कांग्रेस पार्टी सियासत को पहल देती है।