5 Dariya News

आम आदमी पार्टी ने अकाली-भाजपा के 24 मुख्य सांसदी सचिवों को बर्खास्त करने की मांग की

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चंडीगढ़ (पंजाब) 29-Jun-2016

आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और लीगल सेल के प्रमुख हिम्मत सिंह शेरगिल के नेतृत्व में आप पार्टी का एक वफद मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब को मिला और अकाली-भाजपा सरकार द्वारा गैर संविधानिक तरीके से बनाऐ गए 24 मुख्य सांसदी सचिवों को पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग की।अधिकारी के समक्ष पेश होते शेरगिल ने कहा कि इन 24 मुख्य सांसदी सचिवों की नियुक्ति भारत के संविधान अनुसार गैर संविधानिक है। भारत के संविधान की धारा 191 अनुसार किसी भी राज्य का विधायक यदि कोई अन्य लाभ का पद ग्रहण करता है और सरकारी सहूलतें प्राप्त करता है तो वह कानूनन तौर पर बर्खास्त हो सकता है।शेरगिल ने कहा कि यह 24 मुख्य सांसदी सचिव राज्य के सरकारी खजाने पर गैर कानूनन बोझ हैं क्यों जो उनको सरकारी खजाने से वेतन और अन्य भत्ते दिए जाते हैं। पंजाब में हर मुख्य सांसदी सचिव हर महीने 1 लाख रुपए वेतन प्राप्त करता है और इसके साथ ही उसको टोयाइटा फारचूनर या टोयाइटा कैमरी गाड़ी प्रदान की जाती है। इस के बिना हर मुख्य सांसदी सचिव सालाना 3 लाख तक ऐलटीसी और मुफ्त पानी और बिजली की सुविधा का आनंद मानता है। इन मुख्य सांसदी सचिवों को चण्डीगढ़ के 39 सैक्टर में सरकारी घर की सुविधा दी जाती है और घर न लेने की हालत में हर महीने 50 हजार रुपए भत्ता दिया जाता है।   

शेरगिल ने कहा कि एक तरफ पंजाब के माली हालात दयनीय हो चुकी हैं और किसान रोजाना आत्म हत्याएं कर रहा है और दूसरी तरफ सरकार इन मुख्य सांसद सचिवों को बेवजह खजाने से पैसे लुटा कर राज्य के माली हालात हो खराब करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि इन असंविधानिक पद पर बिराजमान लोगों पर पैसे खर्च करने की अपेक्षा सरकार सरकारी कर्मचारियों को उनके वेतन सही समय पर दे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि बिना किसी कार्य से सरकारी खजानें पर बने बोझ इन मुख्य सांसद सचिवों को तुरंत बर्खास्त किया जाए।अकाली-भाजपा और कांग्रेसी नेताओं द्वारा दिल्ली सरकार के मुख्य सांसदी सचिवों के बारे में आरोप लगाए जाने पर पलटवार करते शेरगिल ने कहा कि दिल्ली में मुख्य सांसदी सचिव बिना किसी सरकारी सुविधा जैसे कि घर, कार, सरकारी रिहायश या फालतू भत्ते के बिना वालंटियर के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस के नेता इस सम्बन्धित नैतिक तौर पर टिप्पणी नहीं कर सकते क्यों जो उनके बहुत से नेता अलग -अलग राज्यों में मुख्य सांसद सचिवों के तौर पर सरकारी खजाने से राशि प्राप्त कर रहे हैं।