प्रार्थना, दुआओं के साथ कश्मीर में शुरू हुआ रमजान का महीना
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श्रीनगर 07-Jun-2016
रमजान के 30 दिनों के पवित्र महीने की शुरुआत यहां मंगलवार को हो गई। जम्मू एवं कश्मीर के मुसलमानों ने तीन दशकों से सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रतिदिन का उपवास शुरू किया।इस साल रोजा रखने वाले धर्मनिष्ठ मुसलमानों को भोजन-पानी से लगभग 16 घंटे दूर रहना होगा क्योंकि सुबह होने के पहले खाने की अवधि (सेहरी) यहां मंगलवार को तड़के 3.37 मिनट पर खत्म हो रही है और शाम ढलने के बाद खाने का समय (इफ्तार) शाम 7.42 बजे है।राज्य में गर्मियों की राजधानी श्रीनगर में सुबह से ही बहुत कम वाहनों को चलता देखा गया। पैदल यात्री भी बहुत कम दिखे क्योंकि रमजान के महीने में स्थानीय लोग सामान्यतया सुबह की नमाज के बाद झपकी लेना पसंद करते हैं।
अन्य महीनों की तुलना में शहर में दुकानें, सार्वजनिक वाहन और अन्य प्रतिष्ठान देर से खुले।सुबह के समय सबसे अधिक यातायात शहर के बाहरी इलाकों में देखा गया जिनमें टैक्सियां और बसें थीं जो पर्यटकों को पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग, दूध्पथ्री, कोकारनाग जैसे स्थानों पर ले जा रही थीं।सोमवार की शाम को यहां सड़कों और बाजारों बहुत अधिक जाम और अव्यवस्था देखी गई थी क्योंकि स्थानीय लोग रोजा के दिनों के लिए खरीददारी करने में व्यस्त थे। सबसे अधिक मांग खजूर जैसी चीजों की थी। मुसलमान मानते हैं कि उन्हें रोजा इसी से तोड़ना चाहिए क्योंकि मोहम्मद साहब और उनके खलीफा रमजान के दौरान ऐसा ही करते थे। श्रीनगर में सुबह के समय केवल उन दुकानों को छोड़कर जो बाहर के पर्यटकों के लिए व्यवस्था करती हैं, खानपान की सभी दुकानें बंद थीं। कश्मीर में रमजान के दौरान रोजा रखने वाले युवाओं की संख्या पहले से बढ़ गई है। कश्मीर में बीते कुछ सालाों में सकारात्मक बात यह देखी गई है कि खास रमजान के समय गरीबों की मदद देने के लिए कई धर्मार्थ संस्थाएं अस्तित्व में आई हैं।