डा. भीमराव अंबेडकर के नाम पर राजनीति कर रहे हैं नरेंद्र मोदी - अभय चौटाला
बाबा साहेब को भारत रत्न दिलवा व केंद्रीय हाल में मूर्ति स्थापित करवा देवीलाल ने दिया था सम्मान-अशोक अरोड़ा
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कुरुक्षेत्र 02-May-2016
नरेंद्र मोदी बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के होने वाले चुनाव के कारण अब उन्हें बाबा साहेब की याद आई है। मन की बात कहने वाले मोदी ने 10 वर्ष तक गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए तथा भाजपा शासित राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व हिमाचल में भाजपा सरकार के समय किसी भी परियोजना या संस्था का नाम बाबा साहेब के नाम पर नहीं रखा। यह आरोप नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला तथा इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कुरुक्षेत्र के निकटवर्ती गांव धुराला, करनाल के सौंपड़ा व पानीपत के बबैल में बाबा साहेब की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित सद्भावना सम्मेलनों को संबोधित करते हुए लगाया। सम्मेलन को विधायक जसविंद्र सिंह संधू, तेलू राम जोगी, बलदेव बाल्मीकि, बूटा सिंह लुखी, रामकरण काला, कुलदीप सिंह मुलतानी, चंद्रभान बाल्मीकि, सहित अनेक नेताओं ने संबोधित करते हुए लोगों से प्रदेश में सद्भावना व आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
इनेलो नेताओं ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा दोनों ने बाबा साहेब का नाम केवलमात्र वोट हासिल करने के लिए कर रहे हैं, जबकि बाबा साहेब को सबसे अधिक सम्मान चौ. देवीलाल ने देश का उप्रपधानमंत्री रहते हुए दिया। डा. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न देने का प्रस्ताव चौ. देवीलाल ने ही कैबिनेट में रखा था। उस प्रस्ताव पर मोहर लगने के पश्चात बाबा साहेब को भारत रत्न दिया गया। इसी प्रकार चौ. देवीलाल ने संसद के सेंट्रल हाल में बाबा साहेब की प्रतिमा लगवाई। बाबा साहेब के समर्थकों ने चौ. देवीलाल को कहा था कि जो कार्य डा. भीमराव अंबेडकर अधूरे छोड़ गए हैं, उन्हें चौ देवीलाल ने गरीब व दलित लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू करके पूरा किया। इनेलो नेताओं ने कांगे्रस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब जवाहर लाल नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया तो बाबा साहेब ने उनके मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया था। कांग्रेस द्वारा बाबा साहेब की 125वीं जयंती के अवसर पर कांग्रेसियों में जो जूतमपजार हो रहा है, वह किसी से छिपा हुआ नहीं है।
अभय चौटाला तथा अशोक अरोड़ा ने देश व प्रदेश की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि चुनावी वायदे पूरे करने में भाजपा सरकार पूरी तरह असफल रही है। जनता को बहका कर सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार की पोल खुल चुकी है। अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रदेश भाजपा सरकार कभी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा लगाती है, लेकिन लड़कियों की जो दुर्दशा है, वह किसी से छुपी नहीं। स्कूलों में अध्यापक नहीं, लेकिन गीता पढ़ाने की बात कही जा रही है। अधिकारी व भाजपा के मंत्री विधायक हाथ में झाड़ू लेकर फोटो सेशन करवाने में जुटे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों को स्थायी नौकरी नहीं दी गई और कई पालिकाओं में तो सफाई कर्मियों को वेतन के लाले पड़े हुए हैं। भाजपा सरकार के मंत्री प्रतिदिन नई नई घोषणाएं करते हैं, लेकिन इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा जाता।
इनेलो नेताओं ने आरोप लगाया कि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में प्रदेश में जो बर्बादी हुई उसके लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों बराबर की जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि रोहतक, झज्जर, कलानौर, गन्नौर इत्यादि इलाकों में जहां जहां बर्बाद हुई, वहां वहां कांग्रेस व भाजपा के विधायक हैं। दोनों राजनीतिक दलों ने अपना वेाट बैंक बढ़ाने के लिए प्रदेश को बर्बाद करके रख दिया। अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा में 6843 गांव हैं, एक भी गांव में आपसी भाईचारा खराब नहीं हुआ। केवल उन इलाकों में ही भाईचारा खराब हुआ, जहां भाजपा व कांग्रेस के विधायक हैं। भाजपा व कांग्रेस ने एक जाति विशेष को बदनाम किया और प्रदेश को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण की आड़ में भाजपा सरकार अपने राजनैतिक विरोधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है।
उन्होंने कहा कि इनेलो की मांग पर मुख्यमंत्री ने न्यायिक आयोग तो बना दिया, लेकिन इस आयोग को कोई ताकत नहीं दी गई। आयोग की रिपोर्ट आने से पहले ही जाति विशेष के लोगों केा परेशान किया जा रहा है। उन्होंनेेे इनेलो कार्यकर्ताओं से आपसी भाईचारा व सद्भावना कायम रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश को बचाने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने जाट आरक्षण आंदोलन में आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि 19 फरवरी को मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इनेलो ने सुझाव दिया था कि जाटों को आरक्षण देने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विधेयक पारित कराया जाए, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका यह सुझाव नहीं माना और जब प्रदेश जलकर बर्बाद हो गया, तब जाटों को आरक्षण देने का विधेयक विधानसभा में लाया गया।
इनेलो नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा व कांग्रेस ने मिलीभगत करके प्रदेश को बर्बाद किया है और भाजपा ने तो 35 बिरादरी का नारा देकर लोगों को बांटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जाट ब्रिगेड व ओबीसी ब्रिगेड पर रोक लगा दी जाती तो प्रदेश की ये हालत ना होती। इस सद्भावना सम्मेलन में जसविंद्र खैरा, सुनील राणा, अमनदीप कंबोज, विक्रम तंवर लुखी, जगबीर मोहड़ी, जोगध्यान, रणबीर बूरा, मांगे राम सरपंच, सूबे सिंह त्यौड़ी, सतबीर शर्मा, सुरजीत कौर, सुरेंद्र सैनी, राजू, नरेंद्र कैथल, रामस्वरूप चौपड़ा, कंवलजीत सिंह अजराना, बलजिंद्र सिंह बब्बू, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।