5 Dariya News

डा.दलजीत सिंह चीमा ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के अधिक से अधिक दाखिलों के लिए डी ई ओज़ को अभियान आरंभ करने के लिए कहा

शिक्षा मंत्री ने पांचवी और आंठवी के परिणामों की समीक्षा की, विद्यार्थियों को व्यवसायिक मुखी दिशा देने के लिए कैरियर और गाईंडेंस सैल से किया विचार-विमर्श

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एस  ए एस नगर /मोहाली 08-Apr-2016

शिक्षा मंत्री डा.दलजीत सिंह चीमा ने सरकारी स्कूलों मेें अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाने तथा सरकारी स्कूलों के बच्चों को सही समय पर सही गाईंडेंस देते हुए बेहतर व्यवसाय के चयन को पहल देने संबंधी आज यहां पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड परिसर में दिनभर शिक्षा अधिकारियों से मैराथन बैठकें की।बैठकों के दौरान डा.चीमा ने पांचवी एवं आंठवी कक्षाओं के पहली बार ली परीक्षाओं की समीक्षा करते हुए बेहतर परिणाम वाले स्कूलों की प्रशंसा की वहीं खराब परिणाम वाले स्कूलों को आगामी बार के लिए सुधार के लिए कहा। इसी दौरान राज्य एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अध्यापकों की एसोसिएशन से मुलाकात के पश्चात् यह फैसला लिया गया कि पांचवी और आंठवी की परीक्षाओं में ई-ग्रेड /33 प्रतिशत से कम अंक/  लेने वाले विद्यार्थियों को अवॉर्डी टीचरज़ विशेष कक्षाएं लगाकर पढ़ाएगें। 

डा. चीमा ने दसवीं व बाहरवीं की परीक्षाओं के आगामी परिणामों को देखते हुए कैरियर गाईडेंस और काऊंसलरों को सुझाव दिया कि वह अभी से विद्यार्थियों की पहचान करके इन विद्यार्थियों को इनकी प्रतिभा, क्षमता तथा पृष्ठभूमि को देखते हुए सही व्यवसाय और उच्च शिक्षा के विषय के चयन में सहायता करें।डा.चीमा ने सबसे पहले राज्य के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों का बेहतर ढांचा निर्मित किया गया है। गुणात्मक शिक्षा के अतिरिक्त बहुत सी सुविधाएं जैसे कि छात्रवृत्ति, मैरिटोरियस स्कूल, नि:शुल्क प्रवेश, वोकेशनल शिक्षा, फिटनेस कार्यक्रम, कैरियर गाईंडेंस काऊंसलिंग, छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल, नि:शुल्क पौष्टिक आहार आदि दिए जा रहे हैं। इन सुविधाओं संबंधी अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को अधिक से अधिक सरकारी स्कूलों में प्रवेश करवाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि पहली बार ली गई पांचवी और आंठवी की परीक्षा के बहुत सार्थक परिणाम सामने आएं हैं। 

उन्होंने पावर प्वांइट प्रस्तुति द्वारा परिणामों क ी विभिन्न मापदंडों से समीक्षा करते हुए बेहतर परिणाम वाले स्कूलों को प्रशंसा पत्र देने का फैसला किया। इसके साथ ही संबंधित डी ई ओज़ को खराब परिणामों की समीक्षा करने के लिए  जिला बार बेैठकें करने के लिए कहा। इस पश्चात् बोर्ड की ऑडीटोरियम में शिक्षा मंत्री ने कैरियर गाईंडेंस एवं काऊंसलिंग सैल की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें जिला शिक्षा अधिकारियों के अतिरिक्त 22 जिला गाईंडेंस काऊंसलरों और 300 कलस्टर  /गाईंडेंस रिर्सोस परसन/  ने भाग लिया।  इस बैठक में  डा. चीमा ने जहां गाईंडेंस सैल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की वहीं यह भी कहा कि आने वाले दो महीने उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं जिनमें विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा या व्यवसाय के चयन में सही दिशा देनी है। 

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गाईंडेंस देने के लिए जिला स्तर पर प्रशासन की सहायता से शिविर लगाए जाएं और विद्यार्थियों का शोषण करने वाले फ्राडी विज्ञापनों से सुचेत भी किया जाए। उन्होंने शिक्षा बोर्ड द्वारा गाईंडेंस सैल को हर फ्रंट पर दी जा रही सहायता की भी सराहना की।इन बैठकों के दौरान पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरपर्सन डा. तेजिन्द्र कौर धालीवाल, महा निदेशक स्कूल शिक्षा श्री प्रदीप कुमार अग्रवाल, डी पी आई सेंकेडरी शिक्षा श्री बलबीर सिंह ढोल, डी पी आई एलीमेंटरी शिक्षा श्रीमती पंकज शर्मा, एस सी ई आर टी के निदेशक स. सुखदेव सिंह काहलों, उप-निदेशक डा. गिनी दुगगल, गाईंडेंस सैल के कोऑर्डीनेटर-कम-उपनिदेशक श्रीमती श्रुति शुक्ला भी उपस्थित थी।