5 Dariya News

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर नारों से आगे नहीं बढ़ पाई भाजपा सरकार: नैना चौटाला

महिलाओं के लिए पुलिस भर्ती में हो 50 प्रतिशत आरक्षण, अलग से महिला अदालतें हों गठित

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चंडीगढ़ 16-Mar-2016

डबवाली से इनेलो विधायिका नैना सिंह चौटाला ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेते हुए सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लेकर किए जा रहे दावों को खोखला बताते हुए बेहद भावुक और दिल को छूने वाला भाषण दिया और उनके भाषण के दौरान सदन में निरंतर मेजें थपथपाई जाती रहीं। उन्होंने पिछले कुछ समय के दौरान महिलाओं पर निरंतर बढ़ रही हिंसा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं निरंतर जहां घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं वहीं अशिक्षित होने पर भी उन्हें प्रताडऩा झेलनी पड़ती है। उन्होंने महिलाओं के लिए अलग से अदालतें गठित किए जाने और पुलिस भर्ती सहित महिलाओं को नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की।श्रीमती नैना सिंह ने कहा कि महिलाओं को प्रताडऩा व घरेलू हिंसा से बचने के लिए न सिर्फ शिक्षित व कामकाजी बनना होगा बल्कि उन्हें समाज में बराबरी की भूमिका भी निभानी होगी। उन्होंने बहादुरगढ़ में प्रसूति के लिए अस्पताल आई एक महिला के साथ बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद घटी बलात्कार की घटना और रोहतक में बेकसूर 70 वर्षीय महिला की पिटाई समेत महिलाओं पर ज्यादती के अनेक उदाहरण देते हुए कहा कि क्या यही महिला सशक्तिकरण है। उन्होंने महिलाओं के साथ ज्यादती होने और बाद में लाखों रुपए मुआवजे के नाम पर पैसे से उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अपराधों में पैसों से किसकी आवाज नहीं दबाई जा सकती।

डबवाली की विधायिका ने कहा कि महिलाओं को मान-सम्मान देने और महिला हिंसा के आरोपी दोषियों को सख्त सजा दिए जाने के प्रावधान से ही आए दिन होने वाले निर्भया जैसे कांड रोके जा सके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में इतनी सख्त सजा होनी चाहिए कि दोषियों की न सिर्फ रूह कांपे बल्कि वे दोबारा अपराध करने की जुर्रत न कर सकें। अन्यथा महिला सशक्तिकरणऔर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ जैसे नारे मात्र ढकोसना बनकर रह जाएंगे और अभी तक भाजपा सरकार नारों से आगे कुछ नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने लड़कियों को प्रत्येक गांवों में गणतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय झण्डा फहराने की जिम्मेदारी देने की पहल तो की लेकिन क्या सरकार उन बच्चियों को नौकरियों के लिए भी कोई प्राथमिकता देगी और बजट में महिलाओं के लिए स्वरोजगार के लिए भी कुछ किया जाएगा।इनेलो विधायिका ने कहा कि एक सर्वे में यह बात सामने आई थी कि दस में से छह महिलाएं हिंसा की शिकार होती हैं लेकिन मां के पेट से कोई पापी हिंसक या बलात्कारी पैदा नहीं होता बल्कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए नई-नई जांच कमेटियां बैठाने की वजह से दोषी सजा से बच जाते हैं। इनेलो विधायिक ने कहा कि बेटियों के मामले में सिरसा जिला पूरे प्रदेश में अव्वल आया है तो ऐसे में क्या सरकार वहां विशेष रूप से नए महिला कॉलेज, स्कूल व मेडिकल कॉलेज इत्यादि खोलकर जिले को पुरस्कार देकर महिलाओं का सम्मान बढ़ाएगी? 

उन्होंने डबवाली के साथ लगते शेरगढ़ गांव की 40 एकड़ जमीन पर लड़कियों के लिए विशेष रूप से मेडिकल कॉलेज खोले जाने और चौटाला गांव के अस्पताल के जर्जर भवन की मरम्मत करवाने, वहां डॉक्टर भेजने और अहमदपुर दारेवाला गांव में लड़कियों के लिए अलग से स्कूल बनाने सहित अपने हलके की भी अनेक प्रमुख मांगें रखी और महिला व बाल विकास मंत्री श्रीमती कविता जैन को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज लड़कियों का जीवनस्तर सुधारने के लिए उनके पास सुनहरा मौका है और उन्हें गांव में लड़कियों के लिए विशेष सिलाई स्कूल खोलने और उन्हें प्रोत्साहित करने के मामले में तीव्र गति से कदम उठाने चाहिए।श्रीमती नैना सिंह ने अपने भाषण की शुरुआत ‘चुप रहना भी तहजीब है संस्कारों की, चुप रहने से कुछ लोग हमें बेजुबान समझ लेते हैं’ से की और अपने भाषण के अंत में अपनी लिखी महिलाओं की स्थिति पर दिल को छूने वाली एक भावुक कविता भी पढ़ी। उनके भाषण के दौरान सत्तापक्ष व विपक्ष के सदस्य निरंतर मेजें थपथपाकर उनकी कही बातों का समर्थन करते रहे और पूरे भाषण के दौरान सदन में पूरी तरह सन्नाटा छाया हुआ था और किसी भी सदस्य ने कोई टोकाटाकी नहीं की। श्रीमती नैना सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दों का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने भरोसा दिलाया कि इनेलो विधायक ने अहमदपुर दारेवाला सहित जिन गांवों में लड़कियों के लिए स्कूल खोले जाने की मांग की है उन सभी गांवों का इसी शैक्षणिक स्तर में अध्ययन करवाया जाएगा और जहां-जहां स्कूल के लिए शर्तें पूरी होंगी वहां स्कूल शुरू करवा दिए जाएंगे। महिला व बाल विकास मंत्री कविता जैन ने भी श्रीमती नैना सिंह को भरोसा दिलाया कि उनके विभाग से संबंधित उन्होंने जो भी मांगें उठाई हैं वे उनके प्रस्ताव जिला के विभागीय अधिकारियों के माध्यम से भिजवा दें ताकि उन पर जल्द कार्रवाई की जा सके।