सुखबीर सिंह बादल ने सभी राज्यों से पंजाब का ईगव मॉडल लागू करने का आह्वान किया
भ्रष्टाचार को ऑनलाइन सेवाओं के वितरण से समाप्त किया जा सकता है
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चंडीगढ़ 26-Feb-2016
पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आज नागरिकों की गरिमा को बहाल करने और उदार निवेश आकर्षित करने केंद्र व अन्य राज्यों से ई-गवर्नेस और प्रशासनिक सुधारों के पंजाब मॉडल को अपनाने का आह्वान किया है।'ईलैट्स पंजाब समिट 2016 के दौरान गर्वनेंस में नए विचारों पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए स. बादल ने कहा कि भ्रष्टाचार हमारे देश में हर क्षेत्र में प्रचलित है लेकिन इसे ना केवल कानून बनाकर ही रोका जा सकता है अपितु आईटी समाधानों को लागू कर भी कम किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि नागरिक केंद्रित सेवाओं का तेजी से वितरण किया जाए और अधिकारियों और जनता के बीच सीधा संपर्क ना हो। स. बादल ने कहा कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है जिसने इस प्रकार के प्रशासकीय सुधार सिविल, पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र में क्रियांवित किए हैं जिन्हें भारत और विदेशों में सभी स्तरों पर सराहा गया है।
अपने 58 मिनट के प्रस्तुति सहित भाषण में उप मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को बताया कि पंजाब सरकार ने सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए अधिकारियों और हितधारकों के बीच संबंधों को ही तब्दील कर दिया है, जिससे बिना किसी रुकावट के सुविधा केंद्रों, सांझ केंद्रों व फर्द केंद्रों में लोगों उक्त सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 2,174 सेवा केंद्रों का उद्घाटन कर सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत 206 सेवाएं लोगों को उनके घर के निकट प्रदान करेंगे।उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार प्रत्येक विभाग में अद्वितीय प्रशासनिक सुधार और आईटी समाधान को लागू करनेउ प्रति वचनबद्ध है, जिससे सभी लोग, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकें और उसके लिए उन्हें लाइनों में ना खड़े रहना पड़े। उन्होंने कहा कि पंजाब शासन सुधार आयोग (पीजीआरसी) और सुधार विभाग से कहा गया है कि वो लोगों की फीडबैक लें और लोगों को पेश आ रही समस्याओं की पहचान करें जिससे पुराने कानूनों को खत्म करने के अलावा सेवाओं को समय पर उपलब्ध करवाया जा सके।
उप मुख्यमंत्री ने वास्तविकता और विपक्ष की ओर से नशा, राज्य में वित्तिय व सरकार की स्थिति पर चलाए जा रहे प्रोपेगंडा अभियान के बीच अंतर को सपष्ट करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के 5 साल के शासन में सरकार की आय केवल 36 हजार करोड़ रुपये थी जबकि 2007-12 के दौरान यह आंकड़ा 68757 करोड़ रुपये हो गया और 2012 से अब तक सरकार का राजस्व 99741 करोड़ रुपये हो चुका है।विपक्षी दलों को अपनी मनमर्जी से यादृच्छिक आंकड़े बता कर लोगों को गुमराह ना करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादक ऋण राज्य के समग्र विकास को प्रेरित करता है और यह राज्य के लिए अच्छा होता है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि प्रगतिशील देश भी अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने उत्पादक कर्ज लेते हैं। पंजाब भारी कर्ज के बोझ तले दबा है जैसी अफवाहों पर पूर्ण विराम लगाते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अभी भी देश में सबसे कम ऋणी राज्यों में से है।बिजली क्षेत्र के बारे में, श्री बादल ने कहा कि वर्तमान सरकार के लगातार प्रयासों के कारण ही पंजाब बिजली सरप्लस राज्य बन सका है। 2011 में, बिजली बोर्ड खासा नीचे 17 वीं रैंक पर था जबकि 2015 में यह 'सर्वश्रेष्ठ बिजली उपयोगिताÓ वाले पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने 30,000 करोड़ रुपये खर्च कर बिजली उत्पादन में 6,100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी है।
वहीं अपने संबोधन में पीजीआरसी के चेयरमैन डा. प्रमोद कुमार ने कहा कि 89 नागरिक सेवाओं के लिए केवल हलफनामों को ही समाप्त कर पंजाब ने राष्ट्रीय स्तर पर वाहवाही बटोरी है। यहां तक कि प्रधानमंत्री ने इस अनूठे प्रयास के लिए 'बेहतर प्रशासनिक गवर्नेंस अवार्ड से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और कुछ अन्य राज्यों में भी अपनी तरह के इस विलक्ष्ण अभ्यास को अपनाया है। जिससे पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल के दिमाग की उपज इस पहल पर सराहना की मोहर लगती है।जबकि इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य सचिव सर्वेश कौशल ने कहा गतिशील दृष्टि और ऊर्जावान उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल की दूरदर्शिता से ही अद्वितीय प्रशासनिक सुधारों को लागू करने और लोगों को परेशानी मुक्त सेवाएं प्रदान करना संभव हो पाया है। और ये कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं। राज्य की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में शासन, नागरिक केंद्रित होगा और सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा और यह सेवाएं मोबाइल एप पर भी जल्द ही उपलब्ध होंगी।शिखर सम्मेलन के आयोजक व ईलैट्स टक्रोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ डा. रवि गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में पंजाब सेवा अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त एससी अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग डा. निर्मलजीत सिंह कल्सी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा जी वजृालिंगम, प्रमुख सचिव उद्योग और सीईओ पंजाब निवेश ब्यूरो अनिरुद्ध तिवारी और माइक्रोसाफ्ट के क्षेत्रीय प्रबंधक उत्कर्ष अमिताभ शामिल हैं।