खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने वाईब्रेंट पूर्वोत्तर 2016 शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
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गुवाहाटी 18-Feb-2016
केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने आज गुवाहाटी में वाईब्रेंट पूर्वोत्तर 2016 शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र संसाधनों से सम्पन्न है और एनडीए सरकार पूर्वोत्तर विकास के मुद्दों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास और आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस कृषि प्रक्रियाओं से किसानों को जोड़ने तथा इस क्षेत्र में विकासशील परियोजनाओं की गति बढ़ाने को सुनिश्चित करने पर ध्यान केन्द्रित किया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में खाद्य प्रसंसकरण की व्यापक संभावनाएं है, क्योंकि यहां पर खाद्य उत्पादन के अनुकूल मौसम और जल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा यह क्षेत्र फलों और सब्जियों की अधिक से अधिक किस्मों को उगाने के लिए भी उपयुक्त है।
श्रीमती बादल ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय अपनी मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन, पशुवध शाला और खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के विकास की योजनाओं के माध्यम से पूर्वोत्तर का विकास को आगे बढ़ा रहा है। इस दिशा में एक प्रयास के रूप में असम, मिजोरम और त्रिपुरा में एक-एक मेगा फूड पार्क स्थापना की मंजूरी दी गई है। मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में आठ अत्याधुनिक पशुवधशालाओं की मंजूरी दी है। मंत्रालय ने असम, मणिपुर, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता परीक्षण के लिए बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए छह खाद्य जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने की भी मंजूरी दी हैं।मंत्रालय ने भारतीय किसानों और भारत में तैयार खाद्य उत्पादों के लिए मल्टीब्रांड खुदरा बिक्री में शत-प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने का मुद्दा आगे बढ़ाया है। इस बारे में हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने उद्यमियों से अनुरोध किया कि वे पूर्वोत्तर क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आयें और सरकार द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता का फायदा उठायें। इन उद्योगों से किसानों को अधिक आय के नये युग का सृजन होगा और इस क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार जुटाने के अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना में भी मदद मिलेगी।
राजनाथ सिंह ने आंध्र प्रदेश में वाम उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) परिदृश्य की समीक्षा की केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज विशाखापट्टनम में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक में आंध्र प्रदेश में वाम उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) परिदृश्य की समीक्षा की। बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वाम उग्रवाद स्थिति में देशभर में हाल के महीनों में काफी बेहतरी आई है और एलडब्ल्यूई घटनाओं की संख्या में कमी आई है।श्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा एजेंसियों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों का विस्तार 2014 के 162 जिलों से घटकर 2015 में 141 तक रह गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां और विकास के कार्यक्रम तथा सरकार की नीतियां इस बेहतर परिदृश्य के लिए श्रय की हकदार हैं।एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में लड़ाई का नेतृत्व करने में आंध्र प्रदेश पुलिस की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने राज्य को केन्द्र की तरफ से सभी संभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया। श्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी राज्यों के अंत: राज्य सहयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा अंत: राज्य संचालनों में आंध्र प्रदेश पुलिस एवं इसकी एजेंसियों की हाल की सफलताओं की सराहना की।श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केन्द्र ने राज्य में मजबूत पुलिस थानों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। आंध्र प्रदेश ने 11 मजबूत पुलिस थानों का निर्माण पूरा कर लिया है।